बीएड के बाद अब एमबीए पर भी संकट
वरीय संवाददाता, जमशेदपुरकोल्हान विश्वविद्यालय के कॉलेजों में बीएड के बाद अब एमबीए की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा है. हाल ही में आये कोर्ट के एक फैसले के अनुसार एमबीए की पढ़ाई के लिए एआइसीटीइ की मान्यता अनिवार्य है, जो तकनीकी कॉलेजों के लिए होती है. इस फैसले के बाद कोल्हान विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय अनुदान […]
वरीय संवाददाता, जमशेदपुरकोल्हान विश्वविद्यालय के कॉलेजों में बीएड के बाद अब एमबीए की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा है. हाल ही में आये कोर्ट के एक फैसले के अनुसार एमबीए की पढ़ाई के लिए एआइसीटीइ की मान्यता अनिवार्य है, जो तकनीकी कॉलेजों के लिए होती है. इस फैसले के बाद कोल्हान विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा है. यदि विश्वविद्यालय के अधीन संबंधित कॉलेजों को तकनीकी कॉलेज की श्रेणी में नहीं माना गया, तो यहां एमबीए की पढ़ाई बंद हो सकती है.तीन कॉलेज होंगे प्रभावितकोल्हान विश्वविद्यालय के तीन कॉलेजों में एमबीए की पढ़ाई होती है. इनमें जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज, जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज व एनएसआइबीएम शामिल हैं. इन कॉलेजों में शैक्षणिक व प्लेसमेंट के मामले में प्रदर्शन अच्छा रहा है. वर्कर्स कॉलेज में इस वर्ष शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है.—————————— यह स्पष्ट नहीं है कि यहां के कॉलेज तकनीकी कॉलेज की श्रेणी में आते हैं या नहीं. यहां एमबीए की पढ़ाई जारी रखी जा सकती है? इन सब बिंदुओं पर विश्वविद्यालय ने यूजीसी से मार्गदर्शन मांगा है. मार्गदर्शन मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है.डॉ आरपीपी सिंह, कुलपति, कोल्हान विश्वविद्यालय
