बिरहोर परिवारों की न तो दशा बदली, न दिशा
फोटो18 नोवा 1 – सीओ से समस्याएं बताते टाटीबा गांव के बिरहोर.प्रतिनिधि, नोवामुंडीझारखंड बनने के 15 साल बाद भी टाटीबा के आदिम जनजाति बिरहोर परिवारों की न तो दशा बदली न ही दिशा. भारत सेवाश्रम (एनजीओ) को सरकार इनके सर्वांगीण विकास मद में हरेक साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इंदिरा आवास की स्थिति […]
फोटो18 नोवा 1 – सीओ से समस्याएं बताते टाटीबा गांव के बिरहोर.प्रतिनिधि, नोवामुंडीझारखंड बनने के 15 साल बाद भी टाटीबा के आदिम जनजाति बिरहोर परिवारों की न तो दशा बदली न ही दिशा. भारत सेवाश्रम (एनजीओ) को सरकार इनके सर्वांगीण विकास मद में हरेक साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इंदिरा आवास की स्थिति जर्जर है. छत गिरने वाली है. मौत के साये में बिरहोर परिवार रात बिताने को विवश हैं. 84 परिवारों से बढ़ कर 110 परिवार हो गये हैं. जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दशरथ बिरहोर के नेतृत्व में अंचलाधिकारी से मिल कर मांग पत्र सौंपा.लाश गाड़ने की जगह भी नहींविष्णु बिरहोर का कहना है कि कोई मर गया तो लाश का अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं है. गांव वाले लाश को दफनाने के लिए जगह तक नहीं देने को तैयार है. वैसे कागजों पर भूमि बंदोबस्ती का दावा सरकारी महकमा करते हैं. लेकिन बंदोबस्ती जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जा सका. रहने के लिए घर बनाने में भी टाटीबा-बरायबुरू के लोग विरोध कर रहे हैं. इस मामले ने सीओ जयकिशोर राम ने 19 मई को टाटीबा का मुआयना कर समस्याओं के समाधान करने का भरोसा दिलाया. इस मौके पर झामुमो नेता इजहार राही मौजूद थे.