दहशतगर्दी व कत्ल की इसलाम में जगह नहीं

जमशेदपुर: तहरीक- ए- पैगाम- ए- इसलाम के तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित इमाम- ए- आजम अबु हनीफा कांफ्रेस को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मौलाना डॉ सैय्यद शाह शमीमुद्दीन अहमद मनानी ने कहा कि दहशतगर्दी और कत्ल का इसलाम में कोई स्थान नहीं है. मुसलमान वही है, जो सच्च इनसान है. हमें पूर्वजों के मार्ग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 22, 2015 7:11 AM
जमशेदपुर: तहरीक- ए- पैगाम- ए- इसलाम के तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित इमाम- ए- आजम अबु हनीफा कांफ्रेस को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मौलाना डॉ सैय्यद शाह शमीमुद्दीन अहमद मनानी ने कहा कि दहशतगर्दी और कत्ल का इसलाम में कोई स्थान नहीं है. मुसलमान वही है, जो सच्च इनसान है. हमें पूर्वजों के मार्ग और कार्यो को आगे बढ़ाने की सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुरखों ने हमेशा लोगों की मदद ही की है. उन्होंने अपने संबोधन में नयी नस्ल को इसलाम और असलाफ की राह मुस्तकीम बतायी, ताकि नयी नस्ल जो कि आज फिक्री और अमली बेराहवी का शिकार हो गयी है.
वह इसलाम की राह ए हक अख्तियार कर खुद को सलाह ए फिकर में अमल से आरास्ता करे. बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कारी मोहम्मद साबिर हुसैन ने तिलावत व तरजुमा मौलना मोहम्मद एहसानुल हक ने किया. इसका संचालन तहरीक ए पैगाम के निदेशक सैय्यद सैफुद्दीन असदक ने किया. इसी कांफ्रेंस में रसूल हदीस दारूल उलूम निजामिया, सासाराम के मौलाना मुफ्ती जेलुरहमान कादरी को उनके दीनी खिदमात के लिए तहरीक पैगाम इसलाम ने इमाम आजम अबू हनीफा अवार्ड से सम्मानित किया. सम्मानित अतिथि बिहार शरीफ के मदरसा असदकिया मखदूम शर्फ के मौलाना नुरुद्दीन असदक मोहतमिम ने कहा कि इमाम आजम अबु हनीफा की अजमत ए शान और इल्मी महत्ता की बड़े-बड़े विद्धानों ने रिसर्च की.
कांफ्रेंस में शहर के उलेमा और स्कॉलर्स बड़ी संख्या में उपस्थित थे. इनमें मुख्यरूप से मौलाना सलाउद्दीन, मुफ्ती शाहिद रजा, मौलाना कारी फरीद सिवान, कारी असलम रव्वानी, मौलना इंतेखाब रजा, काजी मुश्ताक अहमद, मौलाना मोबश्शीरुल इसलाम मोख्तार सफी, मोहम्मद इसरार के अलावा कई सदस्य उपस्थित थे.