कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं : डॉ उमा शंकर (घाटशिला के लिए
– एक बार दवा खाने से 99.9 प्रतिशत बैक्टीरिया मर जाते हैं – जिले में पिछले साल मिले थे 381 मरीज – एक साल में हुआ चार ऑपरेशन संवाददाता, जमशेदपुर कुष्ठ रोग न तो लाइलाज है, न ही वंशानुगत. लोगों में अभी भी इस रोग के प्रति गलत धारणा है. अब भी लोग इसे छुआछूत […]
– एक बार दवा खाने से 99.9 प्रतिशत बैक्टीरिया मर जाते हैं – जिले में पिछले साल मिले थे 381 मरीज – एक साल में हुआ चार ऑपरेशन संवाददाता, जमशेदपुर कुष्ठ रोग न तो लाइलाज है, न ही वंशानुगत. लोगों में अभी भी इस रोग के प्रति गलत धारणा है. अब भी लोग इसे छुआछूत की बीमारी मानते हैं. कुष्ठ रोग विभाग के पदाधिकारी डॉ उमाशंकर प्रसाद ने बताया कि कुष्ठ रोग के अधिकांश मामलों में संक्रमण का खतरा नहीं होता है. सही समय पर कुष्ठ रोगियों का इलाज हो, तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है. इस रोग की एक खुराक दवा लेने के बाद 99.9 फीसदी जीवाणु मर जाते हैं. एक बार इलाज शुरू होने के बाद यह छुआछूत से नहीं फैलता है. कैसे होता है कुष्ठ रोग : कुष्ठ रोग माइक्र ोबैक्टीरियम लेप्रा नामक जीवाणु के कारण फैलता है. लगभग 95 प्रतिशत लोगों के शरीर में इस जीवाणु से मुकाबला करने की प्रतिरोधक क्षमता होती है. जुगसलाई में अधिक व डुमरिया में सबसे कम कुष्ठ रोगी : कुष्ठ विभाग विभाग की ओर जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में जुगसलाई में सबसे ज्यादा 76 व डुमरिया में सबसे कम 14 कुष्ठ रोगी हैं. एक अप्रैल 14 से 31 मार्च 15 तक की रिपोर्ट ब्लॉक महिला पुरुष कुल चाकुलिया 17 12 29बहरागोड़ा 15 30 45घाटशिला 15 26 41मुसाबनी 09 11 20डुमरिया 05 09 14पोटका 31 30 61जुगसलाई 27 49 76पटमदा 13 11 24अरबन 09 36 45 जिले में कुल 157 224 381
