बैडमिंटन अंपायरिंग में भी है भविष्य

राजू कुमारविषय के जानकार हर खेल में अंपायर या रेफरी होता है. अगर युवा की इस फील्ड में रुचि और जानकारी हो तो, वे इसमें कैरियर भी बना सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर बैडमिंटन रेफरी बनना है, तो इसके लिए राज्य स्तर पर स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन की तरफ से परीक्षा आयोजित की जाती है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 1, 2015 6:04 PM

राजू कुमारविषय के जानकार हर खेल में अंपायर या रेफरी होता है. अगर युवा की इस फील्ड में रुचि और जानकारी हो तो, वे इसमें कैरियर भी बना सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर बैडमिंटन रेफरी बनना है, तो इसके लिए राज्य स्तर पर स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन की तरफ से परीक्षा आयोजित की जाती है. इसमें सबसे पहले रिटेन टेस्ट फिर प्रैक्टिकल और वाइवा होता है. इसमें सफल होने के बाद आप स्टेट मैच में अंपायरिंग के काबिल हो जाते हैं. राज्य स्तर पर जहां-जहां मैच होते हैं, वहां-वहां आपको आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था व अन्य सुविधा दी जाती है. हर मैच या ट्रिप के लिए आपको फीस भी मिलती है. इसी तरह से नेशनल लेवल के अंपायर बनने के लिए भी प्रतियोगिता परीक्षा होती है. इसमें वही प्रतिभागी भाग ले सकते हैं, जो पहले से स्टेट अंपायर रहे हैं. नेशनल लेवल पर पहले ग्रेड टू परीक्षा होती है, इसके बाद ग्रेड वन की परीक्षा होती है. परीक्षा का प्रोसेस राज्य स्तरीय लेवल के ही होते हैं. हां, एक बात बहुत जरूरी है कि इसके लिए आपकी इंगलिश बहुत अच्छी होनी चाहिए. आपमें स्पीकिंग पावर होनी चाहिए. इस तरह से आप इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकते हैं.