घुटने के दर्द से बचाव के लिए बरतें सावधानी

डॉ चंद्रशेखर झाहोमियोपैथिक डॉक्टरआज के समय में घुटने में दर्द की समस्या काफी सामान्य हो गयी है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी काफी ज्यादा देखने को मिली है. यदि सावधानी नहीं बरती गयी तो 30 साल की उम्र के बाद की महिलाओं को यह बीमारी आसानी से चपेट में ले सकती है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 1, 2015 6:04 PM

डॉ चंद्रशेखर झाहोमियोपैथिक डॉक्टरआज के समय में घुटने में दर्द की समस्या काफी सामान्य हो गयी है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी काफी ज्यादा देखने को मिली है. यदि सावधानी नहीं बरती गयी तो 30 साल की उम्र के बाद की महिलाओं को यह बीमारी आसानी से चपेट में ले सकती है. यह बीमारी यूरिन को देर तक रोके रहने के कारण होती है. इसके कारण यूरिक एसिड पांव के जोड़ में चला जाता है. सिर्फ यही नहीं पेशाब को रोक कर रखने के कारण किडनी में पत्थर भी हो सकता है. यह बीमारी समय पर न उठने, भोजन न करने व दैनिक कार्यों को सही समय पर अंजाम न देने के कारण भी होती है. ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक हों. देखा गया है कि बीमारी से ग्रसित मरीज को जमीन में बैठने में दर्द, खड़े होने में दर्द, सीढ़ी चढ़ने या उतरने में दर्द व पांव को मोड़ने में असनीय दर्द होता है. इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति में सामान्य तौर पर इसी प्रकार के लक्षण दिखायी देते हैं. शरीर में इस प्रकार के लक्षण दिखायी देने पर डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए. इस बीमारी से बचाव के लिए पेशाब लगने पर समय पर जाकर पेशाब करना चाहिए व खाने-पीने में खट्टा खाद्य पदार्थ का सेवन कम करना चाहिए. बीमारी : घुटने का दर्द. लक्षण : मरीज को जमीन में बैठने में दर्द, खड़ा होने में दर्द, सीढ़ी चढ़ने या उतरने में दर्द व पांव को मोड़ने में असनीय दर्द का एहसास होता.उपाय : कभी भी यूरिन को अनावश्यक तरीके से न रोकें व खाने-पीने में खट्टे खाद्य पदार्थ का सेवन कम ही करें.