सेल्स टैक्स : नये प्रावधान पर कंपनियों को आपत्ति

जमशेदपुर: सेल्स टैक्स विभाग ने नया प्रावधान लागू किया है. इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया. इसके तहत कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है, जबकि सामाजिक संस्थाओं को राहत दी गयी है. नये प्रावधान को लेकर कंपनियां आपत्ति भी जताने लगी हैं. टाटा मोटर्स समेत कई कंपनियों ने इस प्रावधान का विरोध किया […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 2, 2015 8:18 AM
जमशेदपुर: सेल्स टैक्स विभाग ने नया प्रावधान लागू किया है. इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया. इसके तहत कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है, जबकि सामाजिक संस्थाओं को राहत दी गयी है. नये प्रावधान को लेकर कंपनियां आपत्ति भी जताने लगी हैं. टाटा मोटर्स समेत कई कंपनियों ने इस प्रावधान का विरोध किया है. सरकार के समक्ष आपत्ति जतायी है. दरअसल, टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां आइटीसी (अनपुट टैक्स क्रेडिट) का ज्यादा लाभ उठाती हैं. नये प्रावधान से इसमें परेशानी हो गयी है.
सेल्स टैक्स विभाग के बदलाव
सेक्शन 18 में आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का प्रावधान है. अगर कोई अंतरराज्यीय कारोबार होता है. खरीदने वाला अगर अनरजिस्टर्ड डीलर है, तो अबतक रिसेलर का आइटीसी रोक दिया जाता था. नये प्रावधान के तहत मैनुफैरर (निर्माता) कंपनी को भी आइटीसी नहीं मिलेगा. इससे कंपनियों को बड़ा नुकसान हो सकता है.
त्नस्टॉक ट्रांसफर होने पर पहले आइटीसी की जमा राशि 4 फीसदी होती थी. इसे बढ़ाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.
त्न सीआरपीएफ, सेना, सामाजिक संस्थाएं समेत कुछेक सरकारी संस्थाओं के लिए नया प्रावधान किया गया है. अगर वे किसी तरह का आइटम खरीद-बिक्री करते हैं, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
त्न सेक्शन 80 के तहत किसी फैसले को कंपनी या संस्था चुनौती देती थी, तो पहले टैक्स की राशि का 20 फीसदी जमा करना होता था. अब इसमें बदलाव करते हुए कहा गया है कि अगर ऑथोरिटी चाहे, तो चुनौती देने वाले पर अधिकतम 10 फीसदी तक राशि जमा करने का निर्देश जारी कर सकता है.