नाले का पानी से होगी शहर की बागवानी फोटो है ऋषि 32
क्या है पूरी योजना : * वर्तमान में कंपनी या शहर से निकलने वाले बड़े नाले के पानी का ट्रीटमेंट कर 50 फीसदी पानी का फिर से कंपनी में ही इस्तेमाल कर लिया जाता था* बचे हुए 50 फीसदी पानी को वापस नदी में डाल दिया जाता था* अब पहले की तरह ही 50 फीसदी […]
क्या है पूरी योजना : * वर्तमान में कंपनी या शहर से निकलने वाले बड़े नाले के पानी का ट्रीटमेंट कर 50 फीसदी पानी का फिर से कंपनी में ही इस्तेमाल कर लिया जाता था* बचे हुए 50 फीसदी पानी को वापस नदी में डाल दिया जाता था* अब पहले की तरह ही 50 फीसदी पानी का ट्रीटमेंट कर कंपनी इस्तेमाल करेगी. वहीं 50 फीसदी पानी अलग से बने रिजर्व सेंटर में स्टॉक किया जायेगा. इसके जरिये जुबिली पार्क समेत अन्य पार्क या अन्य सौंदर्यीकरण वाले स्थान पर बागवानी में पानी का इस्तेमाल किया जायेगावरीय संवाददाता, जमशेदपुर जल संरक्षण के तहत शहर में नाले के पानी से बागवानी की जायेगी. इसके लिए शहर के पश्चिमी क्षेत्र के नाले को पाइप से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए सड़क के किनारे पाइपलाइन बिछायी जा रही है. शहर में जीरो वाटर वेस्टेज के लिए यह एक अहम कदम है. इसपर टाटा स्टील और जुस्को संयुक्त रूप से कार्य कर रही है. इसके लिए विशेषज्ञों की टीम की मदद ली जा रही है. इसका 50 फीसदी काम शुरू हो चुका है. जबकि 50 फीसदी काम अभी बाकी है. इस वित्तीय वर्ष तक कार्य पूरा कर लेने की योजना है. इसके जरिये एक स्टेशन में नाले का पानी जमा होगा. वहां से सभी गोलचक्कर व बागवानी वाले स्थान पर पानी का इस्तेमाल होगा. अगर लोग इसका अलग से कनेक्शन मांगेंगे, तो उन्हें भविष्य में कनेक्शन दिया जायेगा. इसकी भी व्यवस्था की जा रही है. पानी बचाने की पहल : जुस्कोपानी बचाने के लिए यह पहल की गयी है. नाले के पानी का इस्तेेमाल करने के लिए यह बेहतर कोशिश है. जिससे बागवानी भी हो जायेगी और पानी की बरबादी नहीं होगी. इसके अलावा नदी को साफ रखने में यह सहायक साबित होगी. -राजेश राजन, प्रवक्ता, जुस्को
