हेल्थ बुलेटिन : डॉ गुरदीप सिंह

नोट : फोटो है. डॉ गुरदीप सिंह, जनरल फीजिशियनघर के आसपास नहीं होने दें पानी जमा ब्रेन मलेरिया प्सालमोडियम फालसिपेरयिम मच्छर के काटने से होता है. काटने के दौरान मच्छर मनुष्य के शरीर पर कीटाणु छोड़ देता है. इसी से ब्रेन मलेरिया होता है. यह मच्छर जमा पानी, खुले टायर, डब्बों में जमा पानी में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 6, 2015 10:05 PM

नोट : फोटो है. डॉ गुरदीप सिंह, जनरल फीजिशियनघर के आसपास नहीं होने दें पानी जमा ब्रेन मलेरिया प्सालमोडियम फालसिपेरयिम मच्छर के काटने से होता है. काटने के दौरान मच्छर मनुष्य के शरीर पर कीटाणु छोड़ देता है. इसी से ब्रेन मलेरिया होता है. यह मच्छर जमा पानी, खुले टायर, डब्बों में जमा पानी में पनपता है. इसमें तेज बुखार, सर दर्द, उल्टी, डार्क यूरिन का होना, हिमोग्लोबिन कम होना जैसे लक्षण दिखते हैं. सही समय पर इलाज नहीं होने पर सोचने की क्षमता कम होती जाती है. यह मरीज के किडनी, लीवर व दिमाग पर अटैक करता है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनसे उचित सलाह लेनी चाहिए. इससे बचाव का सबसे सही तरीका मच्छरदानी का प्रयोग करना है. साथ ही घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें. अगर शाम में लेटना बैठना है तो शरीर को अच्छी तरह से ढक लें, ताकि मच्छर बैठे भी तो काट नहीं सके. बीमारी : ब्रेन मलेरिया लक्षण : तेज बुखार, सर तेज दर्द, उल्टी, हिमोग्लोबिन की कमी बचाव : मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर के आस पास पानी जमा नहीं होने दें, डॉक्टर से संपर्क करें