किशन को स्नाइपर गन से लगी थी गोली : एएसआइ सोय (फोटो : ऋृषि का)
– 119 बटालियन बीएसएफ के एएसआइ ने बताया आंखों देखा हाल संवाददाता, जमशेदपुर 119 बटालियन बीएसएफ के एएसआइ मोटाई सोय ने बताया कि सिपाही किशन कुमार दूबे को स्नाइपर बंदूक से गोली लगी थी. किशन बारामूला के करम पोस्ट की बंकर पर ड़्यूटी कर रहा था. दोपहर करीब 2 बजे से पाकिस्तान की ओर से […]
– 119 बटालियन बीएसएफ के एएसआइ ने बताया आंखों देखा हाल संवाददाता, जमशेदपुर 119 बटालियन बीएसएफ के एएसआइ मोटाई सोय ने बताया कि सिपाही किशन कुमार दूबे को स्नाइपर बंदूक से गोली लगी थी. किशन बारामूला के करम पोस्ट की बंकर पर ड़्यूटी कर रहा था. दोपहर करीब 2 बजे से पाकिस्तान की ओर से फायरिंग हो रही थी. इसी दौरान पोस्ट पर तैनात किशन की दायीं आंख पर गोली लग गयी. बंकर में तैनात सिपाही को इसकी सूचना मिली. उसने किशन को वहां से हटाया और अपने वरीय अधिकारी को सूचना दी. इसके बाद किशन को पास के अस्पताल लाया गया, जहां किशन शहीद हो गये. एएसआइ सोय ने बताया कि कुछ दिनों से कुपवारा, करम, बारामूला पोस्ट पर फायरिंग दोनों ओर से हो रही है. भारत की ओर से भी फायरिंग की जा रही है. उन्होंने बताया कि वह भी झारखंड के कुचाई के रहने वाले है. इस कारण हेड क्वार्टर की ओर से किशन के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने का जिम्मा दिया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का पूरा गर्व है कि किशन ने देश के लिए शहादत दी.————1971 की लड़ाई में पाकिस्तान से छीना था पोस्ट एएसआइ मोटाई सोय ने बताया कि बारामूला का करम पोस्ट 1971 की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान से छीना गया था. भारतीय सेना ने इस पोस्ट पर कब्जा किया था. करम पोस्ट के पास आतंकवाद और पाकिस्तान सेना की ओर से फायरिंग की जाती है. किशन की मौत जिस गोली से हुई है, वह पाकिस्तानी सेना की है. यह कहना गलत नहीं है कि पोस्ट पर आतंकवादी हमले नहीं होते हैं, लेकिन उनकी पहचान करना बहुत मुश्किल है. आम लोगों की तरह वह समाज के बीच में रहते हैं और कभी भी घटना को अंजाम दे देते हैं.
