बहरागोड़ा : बहरागोड़ा से जामशोल तक एनएच-6 पर मिट्टी धंसने से 48 घंटे से जाम लगा हुआ है. इसके कारण अब एनएच-33 पर वाहनों की कतार लग गयी है. इसमें कई यात्री बसें भी फंसी हैं. वाहन कछुआ की तरह चल रहे हैं. ओड़िशा और बंगाल से यहां आवागमन मुश्किल हो गया है. हालात यह है कि बहरागोड़ा टापू बन गया है. लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं. मरीजों को बाहर भेजना असंभव सा हो गया है. यात्री वाहन मालिक और चालकों का रोजगार छीन गया है.
आरोप है कि संवेदक की लापरवाही से ऐसा हुआ है. एनएच 6 की मरम्मत के लिए दो करोड़ का टेंडर निकला था. संवेदक ने मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की. बरसात होने से स्थिति बदतर हो गयी. शुक्रवार को बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गयी.
जाम में फंसी है तीर्थ यात्रियों की बस : इस जाम में तीर्थ यात्रियों से भरी बस (बीआर 29 एल/2122) शुक्रवार सुबह छह बजे से कालियाडिंगा चौक पर फंसी है. लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करने में बस को आठ घंटे का समय लगा. सभी यात्री बाबा धाम में जलाभिषेक कर पुरी जा रहे हैं.
सात दिनों में मरम्मत हो, नहीं तो विस में धरना : कुणाल
शुक्रवार की सुबह जाम की स्थिति देखने पहुंचे बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सरकार सो रही है. अगर सात दिन में एनएच की मरम्मत नहीं हुई, तो विधानसभा में धरना दूंगा. मरम्मत में संवेदक ने लापरवाही बरती है.