बारिश होते ही बंधक बन जाते हैं फ्लैटवासी

जमशेदपुर: फैलिन के प्रभाव से हुई 13-14 अक्तूबर की जोरदार बारिश ने शहर के कदमा, सोनारी और मानगो में निर्मित फ्लैटों की असलियत की पोल खोल कर रख दी है. शहर में करीब 3500 से अधिक फ्लैट हैं जहां पानी की निकासी का कोई व्यवस्था नहीं है. साधारण बारिश में भी वहां नारकीय स्थिति बन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 17, 2013 9:33 AM

जमशेदपुर: फैलिन के प्रभाव से हुई 13-14 अक्तूबर की जोरदार बारिश ने शहर के कदमा, सोनारी और मानगो में निर्मित फ्लैटों की असलियत की पोल खोल कर रख दी है. शहर में करीब 3500 से अधिक फ्लैट हैं जहां पानी की निकासी का कोई व्यवस्था नहीं है. साधारण बारिश में भी वहां नारकीय स्थिति बन जाती है. अब यह साफ हो गया है कि फ्लैट निर्माण के दौरान बिल्डरों ने पानी निकासी की न तो उचित व्यवस्था की और न ही इसके लिए कोई विकल्प छोड़ा गया था.

सोनारी आदर्शनगर के लिए बारिश लाती है मुसीबत
सोनारी आदर्शनगर में 20 हजार से अधिक की आबादी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है. आदर्शनगर गृह निर्माण सोसाइटी की ओर से फ्लैट तो काफी अच्छे बनाये गये लेकिन पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं गयी. यहां फेज दो से लेकर चार और सात तक के लोग हर बारिश में परेशानियों से घिर जाते हैं. निचले तल्ले में रहने वाले तो अब फ्लैट खाली करने पर मजबूर हो रहे हैं. मानगो के अधिकांश फ्लैट में भी पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है. अब मानगो अक्षेस से इस दिशा में पहल करने को कहा गया है.

कदमा के कई फ्लैट नदी से सीधे जुड़े
कदमा इलाके के आवास रिजेंसी या अन्य फ्लैट, सभी सीधे नदी से जोड़ दिये गये हैं. नदी जब भी उफनाती है, उसका पानी सीधे फ्लैट तक घुस जाता है. बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था है लेकिन पानी घुसने से रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है.

नगर निकाय सुविधा दे
नगर निकायों या जुस्को को इस दिशा में पहल करने की जरूरत है. पानी निकासी के लिए कोई मास्टर प्लान बनाना होगा एके श्रीवास्तव, अध्यक्ष, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया