टाटा स्टील के 50 हजार कर्मियों, अधिकारियों और ठेकेदारों को नोटिस
टाटा स्टील के 50 हजार कर्मियों, अधिकारियों और ठेकेदारों को नोटिस फ्लैग- आयकर विभाग ने जमशेदपुर में अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की – 60 करोड़ का टैक्स जमा किया, जबकि 80 करोड़ का रिफंड लिया- विभाग सभी के रिटर्न फाइल की गहनता से कर रहा जांच वरीय संवाददाता, जमशेदपुरआयकर विभाग ने जमशेदपुर में अबतक […]
टाटा स्टील के 50 हजार कर्मियों, अधिकारियों और ठेकेदारों को नोटिस फ्लैग- आयकर विभाग ने जमशेदपुर में अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की – 60 करोड़ का टैक्स जमा किया, जबकि 80 करोड़ का रिफंड लिया- विभाग सभी के रिटर्न फाइल की गहनता से कर रहा जांच वरीय संवाददाता, जमशेदपुरआयकर विभाग ने जमशेदपुर में अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई के तहत टाटा स्टील से जुड़े 15 हजार अधिकारियों, 32 हजार कर्मचारियों और 1560 ठेकेदार सहित करीब 50 हजार को नोटिस भेजा है. इनमें वीपी (वाइस प्रेसिडेंट) स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं. सभी के पैन कार्ड से लेकर रिटर्न फाइल की जांच के बाद नोटिस भेजा जा रहा है. जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में दायर रिटर्न फाइल की पड़ताल की. विभाग के प्रधान आयुक्त श्याम कुमार खुद मामले को देख रहे हैं. जांच में पाया गया कि टाटा स्टील से जुड़े ठेकेदार, अधिकारी और कर्मचारियों ने करीब 60 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया था, जबकि निवेश या अन्य कागजात की बदौलत 80 करोड़ रुपये रिफंड ले लिया. चौंकाने वाली बात है कि कई अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना रिटर्न जमशेदपुर के बाहर जमा कराया है. उन्होंने जमशेदपुर से रिफंड नियमों के तहत लिया है. विभाग का मानना है कि टाटा स्टील के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार गलत दस्तावेज का सहारा ले रहे हैं या रिटर्न में जिक्र निवेश की बात गलत है. वेतन पर रिटर्न, निवेश दिखाकर रिफंड लियाकई लोगों की रिटर्न फाइल जांच करने पर पाया गया कि वेतन पर रिटर्न जमा कराया गया है. वहीं टीडीएस भी कराया गया है, लेकिन निवेश दिखाकर रिफंड लिया गया है. कई अधिकारियों व कर्मचारियों की फंस सकती है नौकरीटाटा स्टील के कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक कंपनी का कर्मचारी या अधिकारी नौकरी करते हुए निवेश या लाभ कमाने का काम नहीं कर सकता है. अगर गहनता से इसकी जांच की गयी और मैनेजमेंट ने रुचि ली, तो कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है.
