22 से 24 दिसंबर तक करनडीह में राष्ट्रीय सम्मेलन
22 से 24 दिसंबर तक करनडीह में राष्ट्रीय सम्मेलन आदिवासी भाषा, सरना धर्म, माझी परगना व्यवस्था व पेसा कानून पर होगा मंथन (फ्लैग)-संताली भाषा विजय महोत्सव के उपलक्ष्य में हो रहा आयोजन-नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, ज्यां द्रेज, बाबूलाल मरांडी को आमंत्रण भेजा जायेगा-200 भाषा आंदोलनकारी व संगठनों, साहित्यकारों व जनजातीय सभी भाषा के भाषाविदों […]
22 से 24 दिसंबर तक करनडीह में राष्ट्रीय सम्मेलन आदिवासी भाषा, सरना धर्म, माझी परगना व्यवस्था व पेसा कानून पर होगा मंथन (फ्लैग)-संताली भाषा विजय महोत्सव के उपलक्ष्य में हो रहा आयोजन-नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, ज्यां द्रेज, बाबूलाल मरांडी को आमंत्रण भेजा जायेगा-200 भाषा आंदोलनकारी व संगठनों, साहित्यकारों व जनजातीय सभी भाषा के भाषाविदों को सम्मानित किया जायेगासंवाददाता, जमशेदपुरसंताली भाषा विजय महोत्सव के उपलक्ष्य में आगामी 22 से 24 दिसंबर तक करनडीह जयपाल स्टेडियम में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा. इसमें आदिवासी भाषा, सरना धर्म, माझी परगना व्यवस्था व पेसा कानून पर विचार मंथन किया जायेगा. साथ ही आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से 200 भाषा आंदोलनकारी व संगठनों को सम्मानित किया जायेगा. यह जानकारी झारखंड दिशोम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने विज्ञप्ति जारी कर दी. उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान 23 दिसंबर को सरना धर्म, पूजा स्थलों की मान्यता और संरक्षण पर परिचर्चा होगी. इस दिन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास को आमंत्रित किया गया है. 24 दिसंबर को पेसा कानून और आदिवासी स्वशासन व्यवस्था मानकी-मुुंडा, माझी-परगना को मजबूत करने पर मंथन किया जायेगा. इस कार्यक्रम में नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, ज्यां द्रेज, बाबूलाल मरांडी और टाटा स्टील के एमडी को आमंत्रित किया जा रहा है.
