प्रकृति से छेड़छाड़ के परिणाम हैं सुनामी और भूकंप, उमा 13, 14 (संपादित)
प्रकृति से छेड़छाड़ के परिणाम हैं सुनामी अौर भूकंप, उमा 13, 14 (संपादित)फ्लैग ::: आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटनसंवाददाता, जमशेदपुर हमें भूकंप, तूफान, सुनामी और बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रति सजग रहने की जरूरत है. ये आपदाएं अचानक आती हैं. घबराहट व पहले से तैयारी न होने के कारण […]
प्रकृति से छेड़छाड़ के परिणाम हैं सुनामी अौर भूकंप, उमा 13, 14 (संपादित)फ्लैग ::: आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटनसंवाददाता, जमशेदपुर हमें भूकंप, तूफान, सुनामी और बाढ़ जैसी आपदाओं के प्रति सजग रहने की जरूरत है. ये आपदाएं अचानक आती हैं. घबराहट व पहले से तैयारी न होने के कारण कई लोग इन आपदाओं में अपनी जान गंवा बैठते हैं पर जो सजग और सोच-समझ कर बचाव करते हैं वो अपनी जान बचाने में सफल होते हैं. उक्त बातें बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एके सिन्हा ने आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सोमवार से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि कहीं. मौके पर कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव भरत सिंह ने श्री सिन्हा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. सम्मेलन में भूकंप रोधी तकनीक में हाल के दिनों में होने वाले खोजों पर चर्चा की गयी. श्री सिन्हा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने और निवारण के लिए सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों में अौर इजाफा करने की बात कही. अंत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ सुकोमल घोष ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.नेपाल भूकंप को देखते हुए सचेत रहने की जरूरत : प्रो डॉ एमपी सिंहइस दौरान कॉलेज के सचिव भरत सिंह ने सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान के लिए इस तरह के कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होंगे. कॉलेज के निदेशक प्रो डॉ एमपी सिंह ने कहा कि हाल में नेपाल में आये भूकंप को देखते हुए हमें सचेत रहने की जरूरत है. प्रकृति के साथ छेड़छाड़ से पयार्वरण असंतुलन बढ़ा है, जिससे आपदाएं आ रही हैं. कई लोग रहे उपस्थितसम्मेलन में आइआइटी खड़गपुर के प्रो डॉ निर्झर डांग, आरवीएस के कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह, तमाम विभागों के विभागाध्यक्ष प्रो अनंत राज, डॉ बीपी वर्मा, प्रो पारसनाथ, डॉ विक्रम शर्मा ,डॉ राजेश तिवारी, प्रो जेसी पांडेय व फैकल्टी मेंबर, निजी संस्थान एमएन दस्तूर के इंजीनियर, एनआइटी पटना और जमशेदपुर के छात्र व कॉलेज के छात्र आदि उपस्थित थे.
