बरखास्त सुरक्षाकर्मियों की लड़ाई लड़ेगी यूनियन
जमशेदपुर: बरखास्त सुरक्षाकर्मियों की लड़ाई टाटा वर्कर्स यूनियन लड़ेगी. यह प्रस्ताव यूनियन के ऑफिस बियररों की बैठक में महामंत्री बीके डिंडा ने रखा. मंगलवार को हुई ऑफिस बियररों की बैठक में बातचीत हुई. मीटिंग के अंत में महामंत्री ने अध्यक्ष के पास यह प्रस्ताव रखा कि बिना किसी आधार के पांच सुरक्षाकर्मियों को कंपनी की […]
जमशेदपुर: बरखास्त सुरक्षाकर्मियों की लड़ाई टाटा वर्कर्स यूनियन लड़ेगी. यह प्रस्ताव यूनियन के ऑफिस बियररों की बैठक में महामंत्री बीके डिंडा ने रखा. मंगलवार को हुई ऑफिस बियररों की बैठक में बातचीत हुई. मीटिंग के अंत में महामंत्री ने अध्यक्ष के पास यह प्रस्ताव रखा कि बिना किसी आधार के पांच सुरक्षाकर्मियों को कंपनी की ओर से बरखास्त कर दिया गया है.
यह गलत परंपरा है. किसी दूसरे के रिकॉर्डिग को आधार बनाकर इस तरह बरखास्त किया जाना गलत है. सबकी नौकरी वापस की जानी चाहिए. इसके लिए जो भी कानूनी लड़ाई है, उस पर यूनियन खर्च करे ताकि कर्मचारियों को यह अहसास हो सके कि मजदूरों के लिए यूनियन है और एकतरफा कार्रवाई बरदाश्त नहीं की जायेगी.
अध्यक्ष ने कहा कि इस पर विचार होगा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है. इससे पूर्व ऑफिस बियररों की बैठक में तय किया गया कि क्वार्टर के मसले पर बातचीत की जाये. इसके बाद ही वीपी एचआरएम और डिप्टी वीपी सीएस से यूनियन के टॉप थ्री ने बातचीत की. कई विभागों के लंबित आइबी के मसले को भी उठाया गया. ग्रेड रिवीजन पर तत्काल फैसला लेने अन्यथा अंतरिम का समझौता कर लिया जाये, इस पर भी बातचीत की गयी. सारे मुद्दे पर टॉप थ्री ने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.
