अब सीबीएसइ की तर्ज पर सीआइएससीइ
अब सीबीएसइ की तर्ज पर सीआइएससीइ फ्लैग : प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की मांग को देखते हुए बोर्ड ने लिया अहम फैसलाक्रॉसरवर्ष 2018 से लागू किया जायेगा नया परिवर्तन 58वीं वार्षिक आम बैठक के समापन पर घोषणा —————लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) के सिलेबस में बदलाव होगा. वर्ष 2018 […]
अब सीबीएसइ की तर्ज पर सीआइएससीइ फ्लैग : प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की मांग को देखते हुए बोर्ड ने लिया अहम फैसलाक्रॉसरवर्ष 2018 से लागू किया जायेगा नया परिवर्तन 58वीं वार्षिक आम बैठक के समापन पर घोषणा —————लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) के सिलेबस में बदलाव होगा. वर्ष 2018 से बारहवीं क्लास के विद्यार्थियों के लिए सीबीएसइ की तर्ज पर ही कोर्स को डिजाइन किया जायेगा. भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रश्न-पत्रों के मॉडल तैयार किये जायेंगे. यह घोषणा भुवनेश्वर में एसोसिएशन ऑफ द स्कूल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (एएसआइएससी) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 58वीं वार्षिक आम बैठक के समापन पर हुई. इस मौके पर सीआइएससीइ के कार्यकारी सचिव गैरी अराथुन ने कहा की मॉडल प्रश्न पत्र पहले से ही सीबीएसइ पैटर्न पर तैयार किये जा चुके हैं. परिषद सीबीएसइ पैटर्न को इसलिए अपना रहा है, क्योंकि इंजीनियरिंग और मेडिकल समेत देश की सबसे महत्वपूर्ण कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन सीबीएसइ पैटर्न के अनुसार होता है. अराथुन ने कहा कि परिषद ने आइएससी अौर आइसीएसइ के पाठ्यक्रम की अपने स्तर पर समीक्षा की है. इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के पाठ्यक्रमों को सीबीएसइ पाठ्यक्रम के साथ समानता लाते हुए पुनर्गठन किया जायेगा. ———-2016 से ही 12वीं के सिलेबस में हुआ आंशिक बदलाव हाल ही में परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीआइएससीइ के 12वीं के कंप्यूटर साइंस, फैशन डिजाइनिंग, फीजिकल एजुकेशन, भारतीय संगीत (हिंदुस्तानी शैली व कर्नाटक शैली) और पाश्चात्य संगीत इत्यादि में लिखित और प्रैक्टिकल के अंकों के ब्रेक-अप पर पुनर्विचार कर बदलाव किया गया है. पहले यह विभाजन 50-50 के बराबर मापदंड पर था, जिसे बदल कर अब 70-30 के मापदंड पर कर दिया गया है. यह अंतर वर्ष 2016 में होने वाली आइएससी परीक्षाओं से लागू हो जाएगा.
