शव की हथेली खा गये चूहे, हंगामा

शव की हथेली खा गये चूहे, हंगामा एमजीएम अस्पताल. लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था – शनिवार रात मरीज की मौत के बाद शव इमरजेंसी वार्ड में रखकर चले गये परिजन – रविवार को शव लेने पहुंचे, तो चूहों ने कुतर दिया था हथेली संवाददाता, जमशेदपुर लगातार हो रही घटनाओं के बाद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2015 7:09 PM

शव की हथेली खा गये चूहे, हंगामा एमजीएम अस्पताल. लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था – शनिवार रात मरीज की मौत के बाद शव इमरजेंसी वार्ड में रखकर चले गये परिजन – रविवार को शव लेने पहुंचे, तो चूहों ने कुतर दिया था हथेली संवाददाता, जमशेदपुर लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रही है. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखा शव चूहों द्वारा कुतरने का मामला एक बार फिर देखने को मिला. इसे लेकर रविवार की सुबह अस्पताल में मृतक के परिजनों ने हंगामा किया. आठ से नौ घंटे में चूहों ने शव की दाहिनी हथेली कुतर दिया. बताया जाता है कि शनिवार की रात अचानक तबीयत खराब होने पर जुगसलाई निवासी मो. महमूद आलम को एमजीएम अस्पताल लाया गया. महमूद आलम को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया. कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी. परिवार के लोग शव को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रख कर घर चले गये. उन्होेंने डॉक्टरों को बताया कि रविवार की सुबह आकर शव ले जायेगे. रविवार की सुबह परिजन शव लेने अस्पताल पहुंचे, तो शव की दाहिनी हथेली को चूहों ने कुतर दिया था. उन्होंने इसकी शिकायत इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों से की. कुछ देर तक हंगामा करने के बाद मृतक के परिवार वाले शव लेकर चले गये. कई बार हो चुकी है ऐसी घटनाएं एमजीएम अस्पताल के जहां-तहां शव रखे रहने के कारण कई बार चूहों द्वारा शव कुतरने की घटनाएं हो चुकी है. इसे लेकर अस्पताल में कई बार हंगामा हो चुका है. इसके बावजूद भी प्रबंधन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. शीतगृह तैयार, लेकिन नहीं हो सका शुरू एमजीएम अस्पताल परिसर में शीतगृह (शव गृह) का निर्माण पूरा हो गया है. इसके बावजूद इसे शुरू नहीं किया जा सका है. एमजीएम अस्पताल अधीक्षक डाॅ आरवाई चौधरी ने बताया कि शीतगृह का काम पूरा हो गया है, लेकिन कुछ छोटी-छोटी कमियां होने के कारण शुरू नहीं किया जा रहा है. शीतगृह तक गाड़ियों के जाने का रास्ता अब तक नहीं बना है. दो-तीन दिन में शीतगृह शुरू कर दिया जायेगा.