मन की शुद्धता उपनिषदों का उद्देश्य : नर्विशिेषानंद तीर्थ

मन की शुद्धता उपनिषदों का उद्देश्य : निर्विशेषानंद तीर्थफ्लैग ::: सीआइआरडी में कठोपनिषद् पर प्रवचन आरंभ-आज गरीबों में होगा कंबल वितरणजमशेदपुर. सर्किट हाउस एरिया स्थित आत्मीय वैभव विकास केंद्र (सीआइआरडी) में शनिवार को कठोपनिषद् पर प्रवचन आरंभ करते हुए स्वामी निर्विशेषानंद तीर्थ ने बताया कि कठोपनिषद् तेजस्वी उपनिषदों में से एक है, जिसमें शुरू से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 5, 2015 9:58 PM

मन की शुद्धता उपनिषदों का उद्देश्य : निर्विशेषानंद तीर्थफ्लैग ::: सीआइआरडी में कठोपनिषद् पर प्रवचन आरंभ-आज गरीबों में होगा कंबल वितरणजमशेदपुर. सर्किट हाउस एरिया स्थित आत्मीय वैभव विकास केंद्र (सीआइआरडी) में शनिवार को कठोपनिषद् पर प्रवचन आरंभ करते हुए स्वामी निर्विशेषानंद तीर्थ ने बताया कि कठोपनिषद् तेजस्वी उपनिषदों में से एक है, जिसमें शुरू से अंत तक साधना पर बल दिया गया है. उपनिषद् का प्राथमिक उद्देश्य ही साधना है, जिसका अंत मन के शुद्धिकरण में है. मन की शुद्धता सभी उपनिषदों का लक्ष्य है, किन्तु कठोपनिषद् कहानियों के द्वारा उसे समझाया गया है. प्रत्येक श्लोक के द्वारा यह बार-बार चोट करता है कि साधक को अपना लक्ष्य नहीं भूलना चाहिए. कठोपनिषद् के शांति पाठ में कहा गया है कि हम दोनों, गुरु एवं शिष्य की रक्षा हो, हम दोनों पुष्ट हों. यह अचानक ही द्विवचन क्यों. हमारे उपनिषद् संकुचित नहीं हो सकते. गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतिनिधियों के रूप में गुरु और शिष्य को विशेष महत्व दिया गया है. इस परंपरा के द्वारा ब्रह्म विद्या पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रही है. जलते प्रदीप की लौ से किसी दीप को जलाने की तरह गुरु, शिष्य में ज्ञान का प्रदीप जलाता है. शिष्य गुरु बनता है और फिर वह ज्ञान का प्रदीप अगली पीढ़ी में प्रज्वलित करता है. ब्रह्म विद्या की लौ इसी प्रकार प्राचीन काल से जलती रहती है. स्वामी जी का कठोपनिषद् पर प्रवचन आगामी 11 दिसंबर तक चलेगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ एनके दास, आरएस तिवारी, डॉ आलोक सेनगुप्ता, डॉ नंदवानी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. कल प्रातः 11ः00 बजे से आयोजित कार्यक्रम में 500 जरूरतमंदों के बीच कंबल बांटा जायेगा.