20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

5वीं अनुसूची पर कानून बने : द्रौपदी मुर्मू

5वीं अनुसूची पर कानून बने : द्रौपदी मुर्मू फ्लैग::: इंटरनेशनल संताल काउंसिल का राउरकेला में इंटरनेशनल सेमिनार शुभारंभ-भंज भवन में देश-विदेश के आदिवासियों का जमावड़ा-मातृभाषा, संस्कृति, स्वशासन व सांस्कृतिक को बचाने का संकल्पफोटो- डीएस 1,2,3लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर राउरकेला (ओड़िशा) स्थित भंज भवन में दो दिवसीय 7वां अंतरराष्ट्रीय संताल कॉन्फ्रेंस का शनिवार को शुभारंभ किया […]

5वीं अनुसूची पर कानून बने : द्रौपदी मुर्मू फ्लैग::: इंटरनेशनल संताल काउंसिल का राउरकेला में इंटरनेशनल सेमिनार शुभारंभ-भंज भवन में देश-विदेश के आदिवासियों का जमावड़ा-मातृभाषा, संस्कृति, स्वशासन व सांस्कृतिक को बचाने का संकल्पफोटो- डीएस 1,2,3लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर राउरकेला (ओड़िशा) स्थित भंज भवन में दो दिवसीय 7वां अंतरराष्ट्रीय संताल कॉन्फ्रेंस का शनिवार को शुभारंभ किया गया. इसका आयोजन इंटरनेशनल संताल काउंसिल, सिदो-कान्हू हूल अखाड़ा व आसेका राउरकेला शाखा द्वारा किया जा रहा है. मुख्य अतिथि झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू थी़ं विशिष्ट अतिथि केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुएल उरांव, असम के पूर्व स्पीकर सह काउंसिल के चेयरमैन पृथ्वी माझी, कार्यकारी अध्यक्ष डीसी मुर्मू, महासचिव फागु सोरेन थे़ मुख्य अतिथि श्रीमती मुर्मू ने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची में आदिवासियों को कई अधिकार दिये गये हैं. नियमत: राज्यपाल के नाते वह इसके अभिभावक हैं. लेकिन, आदिवासियों को सुरक्षा देने में वह समर्थ नहीं है़ं कारण है कि 5वीं अनुसूची के प्रावधान में उनके कार्य के दायरा का उल्लेख नहीं है. 5वीं अनुसूची के प्रावधान के तहत सिर्फ अधिकार देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि इसके अनुपालन के लिए कानून बनाने की जरूरत है. इस मुद्दे पर गत माह उन्होंने विधायक व सांसदों की बैठक बुलायी थी़ उद्देश्य था कि आदिवासी हितों की रक्षा के लिए कानून बनाया जाये. लेकिन, कई विधायक व सांसद बैठक में नहीं पहुंचे़ हालांकि, वह इस पर काम कर रही हैं और कोई न कोई तरीका जरूर निकाल लेंगी. आदिवासियों को अपना वजूद बनाये रखने के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व राजनैतिक रूप से एकजुट होना होगा़ समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों एवं युवाओं को चिंतन-मनन करना होगा. इससे पूर्व अतिथियों ने पंडित रघुनाथ मुर्मू की तसवीर पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. महिलाओं को मिले जाहेरथान में पूजा का अधिकारद्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हर समाज का उत्थान तेजी से हो रहा है. इसलिए, आदिवासी समाज में महिलाओं को आस्था का केंद्र व पूजास्थल जाहेरथान में जाने की इजाजत देनी चाहिए. इससे समाज का विकास होगा. संताल काउंसिल विश्व के आदिवासियों को एक मंच पर लाने की प्रयास कर रही है, यह सकारात्मक कदम है़ उन्होंने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू के बताये राह पर चलने की जरूरत है़ संताली भाषा भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में सम्मिलित हो चुकी है़ अब इसे बोलकर-लिखकर समृद्ध करने की जरूरत है़ उन्होंने कहा कि देश व दुनिया के लोगों में ग्लोबल वार्मिंग चिंता का विषय है, लेकिन आदिवासी समुदाय पहले से ही प्रकृति से जुडे हुए है़ं विशेष योगदान के लिए मिला सम्मान आदिवासी समाज के उत्थान में विशेष कार्य करने वाले संगठन उनके प्रमुख को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया़ इसमें ऑल इंडिया संताली फिल्म एसोसिएशन के रमेश हांसदा, रघुनाथ मुर्मू एकेडमी ऑफ सिनेमा एंड आर्ट के सूर्यसिंह बेसरा, माझी परगाना महाल एवं आसेका रायरंगपुर संगठन को पुरस्कार दिया गया़असम के आदिवासी को एसटी का दर्जा देंगे : जुएल उरांव केंद्रीय आदिवासी जनजातीय मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि आदिवासी तो हर जगह आदिवासी ही रहेंगे़ लेकिन, किन्हीं कारणों से असम में उन्हें एसटी का दरजा नहीं मिल पाया है़ उन्हें एसटी का दरजा दिलाने की हर संभव कोशिश करेंगे़ वे राउरकेला में बतौर विशिष्ट अतिथि इंटरनेशनल संताल कॉफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे़

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel