बच्चों ने जाना, कैसा हो सिख का स्वरूप (25 जुगसलाई)
बच्चों ने जाना, कैसा हो सिख का स्वरूप (25 जुगसलाई) – जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में गुरमत चेतना कैंप शुरू – पहले दिन कैंप में 235 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा उपमुख्य संवाददाता, जमशेदपुर धर्म प्रचार कमेटी जमशेदपुर व महाराजा रणजीत सिंह सेवा दल की ओर से जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में आयोजित तीन दिवसीय गुरमत […]
बच्चों ने जाना, कैसा हो सिख का स्वरूप (25 जुगसलाई) – जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में गुरमत चेतना कैंप शुरू – पहले दिन कैंप में 235 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा उपमुख्य संवाददाता, जमशेदपुर धर्म प्रचार कमेटी जमशेदपुर व महाराजा रणजीत सिंह सेवा दल की ओर से जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में आयोजित तीन दिवसीय गुरमत चेतना कैंप के पहले दिन शुक्रवार को प्रतिभागियों ने सिखों का स्वरुप जाना. कोलकाता के प्रचारक सरदार बेअंत सिंह ने प्रतिभागी बच्चों को बताया कि सिख धर्म में टोपी धारण करना वर्जित है. सिखों के सिर पर केवल दस्तार सजानी चाहिए. एकमात्र सिख ही हमेशा अपना सिर ढंक कर रखते हैं. चाहे स्त्री हो या पुरुष. सरदार हरदेव सिंह ने बच्चों को गुरमुखी ककहरा (35 अखरी) सिखाया. स्लाइड शो के माध्यम प्रचारक वीर गुरप्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को सिख इतिहास व गुरबाणी शब्द विचार साझा किया. कैंप से पूर्व सभी प्रतिभागी अरदास में शामिल हुए. इस अवसर पर मनप्रीत कौर, हरप्रीत कौर, मंदीप कौर, जसवंत सिंह जस्सू व रविंदर सिंह ने प्रतिभागियों को गुरबाणी से अवगत कराया. कैंप में पहले दिन कुल 235 प्रतिभागियाें ने हिस्सा लिया. कैंप का समापन रविवार को होगा. कमेटी के जसवंत सिंह जस्सू ने बताया की कैंप का आयोजन बच्चों की छुट्टियां को ध्यान में रखकर किया गया है.
