बंदियों की मेहनत से महका घाघीडीह जेल

जमशेदपुर: ये जेल प्रशासन और बंदियों की संयुक्त मेहनत का ही नतीजा है कि आज घाघीडीह सेंट्रल जेल चहुंओर महक रहा है. जेल परिसर में खिले रंग-बिरंगे फूल हर आने-जाने वाले को अपनी ओर आकृष्ट करते हैं. जेल का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहां इन फूलों की मनमोहक खुशबू न पहुंचती हो.... पथरीली […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 2, 2016 8:15 AM

जमशेदपुर: ये जेल प्रशासन और बंदियों की संयुक्त मेहनत का ही नतीजा है कि आज घाघीडीह सेंट्रल जेल चहुंओर महक रहा है. जेल परिसर में खिले रंग-बिरंगे फूल हर आने-जाने वाले को अपनी ओर आकृष्ट करते हैं. जेल का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहां इन फूलों की मनमोहक खुशबू न पहुंचती हो.

पथरीली जमीन को भी अपनी मेहनत से बना दिया उपजाऊ

जेल में सजा काट रहे बंदियों ने जी तोड़ मेहनत से जेल की पथरीली जमीन का भी उपजाऊ बनाने का नायाब कारनामा कर दिखाया है. विदित हो कि घाघीडीह जेल परिसर में पानी की काफी कमी है, बावजूद इसके कैदियों के मजबूत इरादों से यहां खूबसूरत फूल, स्वादिष्ट फल, सब्जियां और औषधीय पौधे आदि की अच्छी पैदावार हो रही है.

इन सब्जियों में टमाटर, बैंगन, मूूली, धनिया, लाल साग, पालक साग, टमाटर, मूूली, गोभी, फूल गोभी आदि शामिल है. जिनका इस्तेमाल कैदियों के खाने के लिए होता है. वहीं यहां उगने वाले औषधीय पौधों को बंदी खुजली, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियों से निजात पाने में उपयोग करते हैं.