पोटका के सहायक अभियंता समेत तीन को शो कॉज
पोटका के सहायक अभियंता समेत तीन को शो कॉजडीसी ने की मनरेगा की समीक्षा, कई प्रखंडों का काम बेहतर, खराब प्रदर्शन वालों को एक सप्ताह में सुधारने की हिदायतवरीय संवाददाता, जमशेदपुर डीडीसी विनोद कुमार ने शनिवार को पोटका के मनरेगा से जुड़े पदाधिकारियों-कर्मियों के साथ बैठक की. इस दौरान बिना सूचना दिये बैठक में नहीं […]
पोटका के सहायक अभियंता समेत तीन को शो कॉजडीसी ने की मनरेगा की समीक्षा, कई प्रखंडों का काम बेहतर, खराब प्रदर्शन वालों को एक सप्ताह में सुधारने की हिदायतवरीय संवाददाता, जमशेदपुर डीडीसी विनोद कुमार ने शनिवार को पोटका के मनरेगा से जुड़े पदाधिकारियों-कर्मियों के साथ बैठक की. इस दौरान बिना सूचना दिये बैठक में नहीं आने के कारण मनरेगा के सहायक अभियंता नंदलाल रजक तथा दो रोजगार सेवकों को शो-कॉज किया है.पोटका, जमशेदपुर, घाटशिला का प्रदर्शन खराबइधर, उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल ने वीसी कर मनरेगा की समीक्षा की. इस दौरान डीडीसी विनोद कुमार, एनइपी की निदेशक रंजना मिश्रा, पीएमआरडीएफ राजीव रंजन एवं नितिशा बेसरा मौजूद थे. पिछले सप्ताह माइकल जॉन प्रेक्षागृह में हुई बैठक में उपायुक्त ने सभी पंचायत में रोजाना सौ मजदूर तथा जिले में 16, 600 मजदूरों को काम पर लगाने का निर्देश दिया था. समीक्षा में 4 से 9 जनवरी तक 14,654 मजदूर में काम में लगे हुए पाये गये. इसमें बोड़ाम का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा जहां लक्ष्य 19 सौ मजदूर की तुलना में 2316 मजदूर लगाये गये. उसके बाद धालभूमगढ़ में 1 हजार की तुलना में 1237 अौर डुमरिया में 1 हजार की तुलना में 1123 मजदूर काम में लगे पाये गये. वहीं पोटका( 25 सौ में 1114), जमशेदपुर (12 सौ में 607) अौर घाटशिला का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया. उपायुक्त ने खराब प्रदर्शन वाले प्रखंडों को एक सप्ताह में स्थिति सुधारने की हिदायत दी. समीक्षा में यह बात भी सामने आयी कि जिले में 444 वर्क साइट पर काम शुरू करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी तुलना में 451 साइट पर काम होता हुआ पाया गया. पोटका में मनरेगा का प्रदर्शन खराब क्योंडीडीसी विनोद कुमार ने पोटका प्रखंड के बीडीअो, बीपीअो, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक, कनीय अभियंता, सहायक अभियंता के साथ बैठक कर मनरेगा अौर इंदिरा आवास की समीक्षा की. डीडीसी ने जानना चाहा कि यहां मनरेगा का प्रदर्शन खराब क्यों रहता है. पदाधिकारियों ने टुसू के बाद प्रदर्शन सुधारने का भरोसा दिया. साथ ही पर्याप्त संख्या में योजना की स्वीकृति नहीं होने, एफटीअो के माध्यम से पोस्ट अॉफिस से मजदूरी भुगतान में भी समस्या आने की बात सामने आयी. प्रखंड के इंदिरा आवास के 301 लक्ष्य की स्वीकृति प्रदान करने का निर्देश दिया गया. ————-रोजगार सेवकों ने कहा, आरटीआइ के कारण नहीं कर पा रहे हैं कामपोटका के रोजगार सेवकों ने कहा कि पोटका प्रखंड में काफी ज्यादा योजनाअों को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी जाती है. पांच-पांच साल पुरानी योजनाअों की जानकारी मांगी जाती है, जिसके कारण वे लोग योजनाअों के कागजात का फोटो कॉपी कराने में ही परेशान रहते हैं जिसके कारण काम पर असर पड़ता है. डीडीसी ने उपलब्ध सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
