खनन अधिकारी को लगी फटकार, कहा-बैठक में आये हैं या टहलने

जमशेदपुर: विधानसभा की लोक उपक्रम समिति के सभापति राज किशोर महतो अौर सदस्य राज सिन्हा गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचे. उन्होंने परिसदन में खनन, प्रदूषण, बिजली, वन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, आपूर्ति, आइटीडीए, लघु सिंचाई, पथ, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग समेत अन्य विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य की समीक्षा की. ... इस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 29, 2016 9:18 AM
जमशेदपुर: विधानसभा की लोक उपक्रम समिति के सभापति राज किशोर महतो अौर सदस्य राज सिन्हा गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचे. उन्होंने परिसदन में खनन, प्रदूषण, बिजली, वन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, आपूर्ति, आइटीडीए, लघु सिंचाई, पथ, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग समेत अन्य विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य की समीक्षा की.

इस दौरान खनन विभाग के अधिकारियों से टाल-मटोल जवाब मिलने पर विधायक राज सिन्हा नाराज हो गये. उन्होंने खनन पदाधिकारी से पूछा कि आप बैठक में आये हैं या टहलने आये हैं. बैठक में डीडीसी विनोद कुमार, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी बिंदेश्वरी तातमा, आइटीडीए के परियोजना पदाधिकारी परमेश्वर भगत समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे. बैठक में पर्यटन विभाग के पदाधिकारी नहीं पहुंचे थे, जिसके कारण पर्यटन विभाग की योजनाअों का स्थल निरीक्षण नहीं हो सका. समिति शुक्रवार को बोकारो के लिए रवाना होगी.

विभाग के बारे में भी नहीं जानते अधिकारी : श्री महतो ने बताया कि खनन पदाधिकारी जिले में कितने क्रशर चल रहे हैं, पर्यावर्णीय क्लियरेंस के बाद कितने बालू घाट चालू हैं, कितने स्थानों पर अवैध खनन हो रहा है, इसका संतोष जनक जवाब नहीं दे पाये. जिले में कितने राशन कार्ड बंट चुके हैं, इसका जवाब आपूर्ति पदाधिकारी नहीं दे पाये. प्रदूषण विभाग के पदाधिकारी नहीं बता सके कि क्रशर और स्पंज आयरन से कितना प्रदूषण होता है. क्रशर बंद कराया जाता है, लेकिन 10 किमी तक हरियाली गायब करने वाली स्पंज आयरन कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है, यह भी नहीं बता सके. सुवर्णरेखा नदी क्यों प्रदूषित हो रही है. कंपनियों से कचरायुक्त पानी नदी में छोड़े जाने से रोकने के लिए क्या उपाय किये गये हैं, इसका जवाब प्रदूषण विभाग के पदाधिकारी नहीं दे पाये. वन विभाग के पदाधिकारी पूर्वी सिंहभूम जिले में कितने क्षेत्रफल में वन है यह नहीं बता पाये. माइनर एरिगेशन के पदाधिकारी सिंचाई के लिए क्या व्यवस्था की गयी है यह नहीं बता पाये. जिले में कितने लोगों को पानी का कनेक्शन दिया गया यह पेयजल विभाग के पदाधिकारी नहीं बता पाये.
अधिकांश विभाग के जवाब से समिति असंतुष्ट : महतो
सभापति राज किशोर महतो ने बताया कि समिति अधिकांश विभाग के पदाधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं है. बिजली विभाग के अॉडिट पर एजी आपत्ति करती है. उसपर समिति सुनवाई करती है, लेकिन बिजली विभाग के पदाधिकारी तारीख पर तारीख लेकर टालते रहते हैं. उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कह दिया कि वे दो-तीन से ज्यादा तारीख नहीं देंगे. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई के संबंध में पूछा. श्री महतो ने कहा कि बिजली विभाग के पदाधिकारी नहीं बता पाये कि जिले में कितने गांव-कितना टोला है और वहां विद्युतीकरण का काम कौन सी एजेंसी कर रही है. सिर्फ राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण ही बताया.