जमशेदपुर/नरवा: अटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एइआरबी) के चेयरमैन एसएस बजाज ने कहा कि जीरो एक्सीडेंट को मानक बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में काम किया जाता है. मुख्य घटनाएं अप्रशिक्षित ठेका मजदूरों द्वारा काम में लापरवाही बरतने के कारण होती हैं. खनन के कार्य में ठेका मजदूरों का एक बड़ा वर्ग काम कर रहा है, उन पर विशेष फोकस करने की जरूरत है. श्री बजाज बुधवार को नरवा स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि माइनिंग के क्षेत्र में डस्ट का खतरा हमेशा बना रहता है. ऐसी स्थिति में वेंटीलेशन का बेहतर होना जरूरी है.
हवा को किस तरह फिल्टर किया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सुरक्षा मानको को हर वक्त मॉनिटर करते रहना चाहिए, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा बनी रहेगी. श्री बजाज ने कहा रेडिएशन को देखा नहीं जा सकता है. यह हानिकारक है. पूर्व की घटनाओं को आधार बनाकर इसे केवल प्रचारित किया जा रहा है, जब तक जागरूकता नहीं आयेगी, तब तक हम ऐसी भ्रांतियों को दूर नहीं कर सकते हैं.
इससे पहले, नरवा माइंस स्थित भाभा ऑडिटोरियम में 30वें डीएई सेफ्टी एंड ऑक्युपेशनल हेल्थ प्रोफेशनल्स मीट को संबोधित करते हुए श्री बजाज ने कहा कि यूसिल माइंस में आधुनिक सुरक्षा तकनीक व एइआरबी द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. जादूगोड़ा देश की प्रथम यूरेनियम खदान है, जहां सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किये गये हैं. इसके बावजूद सुरक्षा को लेकर हर दिन सावधानी बरतनी जरूरी है. यूसिल द्वारा नरवा माइंस और आस-पास के क्षेत्रों में पर्यावरण पर विशेष ध्यान दिये जाने का ही नतीजा है कि नरवा माइंस कॉलोनी को आइएसओ 9001 पर्यावरण सम्मान प्राप्त हुआ.