कश्मीर तीसरी लीड एनआईटी तीन
कश्मीर तीसरी लीड एनआईटी तीन 31 मई की इस घटना के बाद से ही परिसर के भीतर का माहौल गर्म है और अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा बल कर्मियों को तैनात किया है. संस्थान के मुख्य गेट पर स्थानीय पुलिस तैनात है. इस घटनाक्रम के चलते एनआइटी अधिकारियों ने शनिवार को परिसर को बंद कर दिया, […]
कश्मीर तीसरी लीड एनआईटी तीन 31 मई की इस घटना के बाद से ही परिसर के भीतर का माहौल गर्म है और अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा बल कर्मियों को तैनात किया है. संस्थान के मुख्य गेट पर स्थानीय पुलिस तैनात है. इस घटनाक्रम के चलते एनआइटी अधिकारियों ने शनिवार को परिसर को बंद कर दिया, लेकिन सोमवार को इसे फिर से खोल दिया गया. शुक्रवार शाम राज्य से बाहर के छात्रों ने परिसर से बाहर निकलने का प्रयास किया. उनका कहना था कि वह घर जाना चाहते हैं. पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और इस दौरान छात्रों के साथ झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. प्रदर्शनकारी छात्रों की यह भी मांग है कि उनके पर्चे गैर स्थानीय शिक्षक जांचें ताकि सभी परीक्षाओं के दौरान समानता और पारदर्शिता बनी रहे. राज्य से बाहर के छात्रों ने 4 अप्रैल को एनआइटी प्रशासन को एक पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि फैकल्टी द्वारा किसी तरह का शैक्षणिक शोषण नहीं किया जाए. उन्होंने पांच मांगें रखी हैं और उनका कहना है कि यह मांगे पूरी होने पर परिसर में उनका प्रवास निर्बाध हो जाएगा और वह अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. पत्र में कहा गया है, ‘परिसर में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के कारण बाहरी छात्रों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उनकी जान को खतरा है. इस वजह से छात्र अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं.’ एचआरडी टीम के यहां पहुंचने पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मामले को चतुराई से निपटाया जाना चाहिए और राज्य सरकार को इसपर बिना किसी दबाव के कदम उठाने चाहिएं. उमर ने ट्वीट किया, ‘एचआरडी मंत्रालय से टीम का भेजा जाना और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्थान पर सीआरपीएफ की तैनाती महबूबा मुफ्ती में दिल्ली के विश्वास की कहानी कह रही है.’ इस घटना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी ध्यान खींचा है, जिन्होंने राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार से छात्रों को परेशान नहीं करने के लिए कहा है.
