नये फाॅर्मूले से कई विभागों में आइबी कम
जमशेदपुर: टाटा स्टील में नये आइबी के फाॅर्मूले का जिन्न बाहर आ गया है. पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह के कार्यकाल में हुई बातचीत के आधार पर ही अब इसको लागू किया जा रहा है. इसके तहत वैसे विभाग जिसमें जोखिम और चुनौतीपूर्ण काम होता है, वहां का आइबी ज्यादा मिलेगा जबकि शेष सारे विभागों में […]
जमशेदपुर: टाटा स्टील में नये आइबी के फाॅर्मूले का जिन्न बाहर आ गया है. पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह के कार्यकाल में हुई बातचीत के आधार पर ही अब इसको लागू किया जा रहा है. इसके तहत वैसे विभाग जिसमें जोखिम और चुनौतीपूर्ण काम होता है, वहां का आइबी ज्यादा मिलेगा जबकि शेष सारे विभागों में आइबी कम मिलेगा.
आइबी को लेकर नये सिरे से समझौता करने की वर्तमान यूनियन नेतृत्व तैयारी कर रहा है ताकि समझौता कम अाइबी पर भी हो जाये और इसका ठीकरा पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह पर फोड़ा जा सके. हालांकि, पीएन सिंह की कमेटी में डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नू और महासचिव बीके डिंडा अब भी उसी पद पर हैं. लिहाजा, कोई भी गुण दोष होगा तो वे लोग अपने आपको अलग नहीं कर पायेंगे. फिलहाल आइबी के नये फाॅर्मूला को लेकर वैसे विभागों में खुशी है, जहां सीधे तौर पर प्रोडक्शन का काम होता है, लेकिन शेष विभागों में मायूसी देखी जा रही है.
कोई समझौता नहीं, बातचीत हुई थी
हमारे कार्यकाल में एच ब्लास्ट फर्नेस, अाइ फर्नेस से लेकर एलडी 2 तक का समझौता हुआ था. उस वक्त मैनेजमेंट ने इस पर चर्चा की थी, लेकिन कोई समझौता नहीं किया था. अब इसको कोई समझौता कहे तो अलग बात है.
-पीएन सिंह, पूर्व अध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन
नये प्रस्ताव पर अभी बातचीत होगी
नया प्रस्ताव आया है. जिसमें अलग-अलग विभाग का पैमाना तय किया गया है. अभी बातचीत करने के बाद ही रास्ता निकलेगा.
-आर रवि प्रसाद, अध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन
पिछली कमेटी में इस पर चर्चा हुई थी. लेकिन किसी तरह का समझौता नहीं हुआ था. इसको आधार बनाते हुए अब नये सिरे से प्रस्ताव दिया गया है.
-संजीव चौधरी टुन्नु, डिप्टी प्रेसिडेंट, टाटा वर्कर्स यूनियन
