दिवाली में बढ़ जायेगा 20 गुणा प्रदूषण

जमशेदपुर : दिवाली के अवसर पर पटाखों के धुएं से निकलने वाले केमिकल और शोर से वातावरण प्रदूषित होना तय है. अनुमान है कि इस बार जमशेदपुर में तय मानक से 20 गुना ज्यादा प्रदूषण फैलेगा. वैसे पहले से ही जमशेदपुर देश के उन शहरों में है, जहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा है. वायु को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 16, 2016 8:12 AM
जमशेदपुर : दिवाली के अवसर पर पटाखों के धुएं से निकलने वाले केमिकल और शोर से वातावरण प्रदूषित होना तय है. अनुमान है कि इस बार जमशेदपुर में तय मानक से 20 गुना ज्यादा प्रदूषण फैलेगा. वैसे पहले से ही जमशेदपुर देश के उन शहरों में है, जहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा है.
वायु को प्रदूषित करने वाले आरएसपीएम (रेसपिरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर) सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन देश भर में सबसे अधिक जमशेदपुर व ग्वालियर में होता है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक यह वार्षिक औसत 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है. दिवाली में इसमें 20 फीसदी की वृद्धि होना तय है.
वैसे चार मीटर तक 125 डेसिबल का शोर करने वाले पटाखों पर कानूनी रूप से पाबंदी है. इसके अलावा रात दस बजे के बाद पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है, लेकिन त्योहार के दिन इन बंदिशों को कम ही लोग मानते हैं. हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से तय मानक सीमा में पटाखे चलाने की अपील की है. पटाखों के कारण दिवाली में वायु प्रदूषण दस से बीस गुणा और ध्वनि का स्तर 15 डेसीबल बढ़ जाता है.
पटाखे जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फ्यूरिक नाइट्रिक व कार्बनिक एसिड जैसी जहरीली गैस वायुमंडल में फैलती हैं. इससे इंसान के शरीर में कैंसर, पेड़-पौधों के जलने व जलस्रोत के दूषित होने से जलीय जीवों के मरने की आशंका रहती है. इनसे ओजोन परत को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है. लोगों को दिल से जुड़ी बीमारी हो सकती हैं. देर रात तक पटाखे छोड़ने से तनाव और ध्वनि प्रदूषण का भी खतरा रहता है. यही वजह है कि इस बार भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कई स्थानों पर ध्वनि व वायु प्रदूषण की जांच की व्यवस्था की है ताकि इस बार के प्रदूषण के लेवल की जांच की जा सके. कब से कब होगी जांच. शाम 6 से रात नौ बजे तक और रात दस बजे से आधी रात तक.