जमशेदपुर: व्यवसायी हरेराम सिंह व उनके पुत्रों द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले और जमशेदपुर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में हुए काले कारोबार की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिया गया है. आयकर विभाग अनुसंधान के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार की ओर से मामले की जांच की गयी है. लेकिन इस मामले में एक के बाद एक खुलासे के बाद यह तय किया गया कि प्रवर्तन निदेशालय के स्तर पर ही इसकी जांच की जा सकती है.
हरेराम सिंह, उनके बेटे हरीश सिंह और बिनोद सिंह के काले कारोबार की विस्तार से सारी जानकारी लेेने के बाद विभाग की ओर से बताया गया है कि कई सारे कैश का ट्रांजेक्शन ओवरड्राफ्ट के जरिये किया गया है. इसको लेकर आयकर विभाग के अनुसंधान के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय और अपने वरीय अधिकारियों को भी लिखित तौर पर जानकारी दिये हैं. इसके अलावा रिजर्व बैंक को भी बता दिया गया है कि किस तरह से बैंक का कारोबार कच्चे तौर पर चल रहा था.
बैंक के आय-व्यय का हिसाब नहीं
जमशेदपुर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक के कारोबार की आयकर विभाग की ओर से की गयी जांच में पाया गया है कि बैंक के आय – व्यय का किसी तरह का कोई हिसाब किताब ही नहीं है. भारी मात्रा में कैश का ट्रांसफर कहीं से कहीं कर दिया गया है. इसको लेकर विभागीय तौर पर किसी तरह का स्पष्ट जानकारी बैंक प्रबंधन की ओर से भी नहीं दी जा रही है.
