मोबाइल बतायेगा मरीज ने दवा खायी है या नहीं

जमशेदपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्वी सिंहभूम को टीबी मुक्त बनाने के लिए बुधवार को एमजीएम स्थित एआरटी सेंटर में ‘डॉट्स 99’ योजना की शुरुआत की गई. इसके तहत एआरटी सेंटर में मरीजों की इंट्री के साथ उसका मोबाइल नंबर रहेगा. अगर कोई मरीज दवा नहीं खाता है, तो इससे संबंधित मैसेज मोबाइल पर आयेगा. वह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 26, 2017 7:47 AM

जमशेदपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्वी सिंहभूम को टीबी मुक्त बनाने के लिए बुधवार को एमजीएम स्थित एआरटी सेंटर में ‘डॉट्स 99’ योजना की शुरुआत की गई. इसके तहत एआरटी सेंटर में मरीजों की इंट्री के साथ उसका मोबाइल नंबर रहेगा. अगर कोई मरीज दवा नहीं खाता है, तो इससे संबंधित मैसेज मोबाइल पर आयेगा. वह याद दिलायेगा कि मरीज दवा नहीं खाया है.

अगर दो से तीन दिन तक मरीज दवा नहीं खाता है, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी मोबाइल के माध्यम से मिलेगी. उसके बाद संबंधित पदाधिकारी या कर्मचारी जाकर मरीजों को दवा खिलाने का काम करेगा. इससे पूरे राज्य को टीबी मुक्त करने में सहायता मिलेगी. मरीज को एआरटी सेंटर में दी जाने वाली इस दवा के पैकेट के अंदर एक मोबाइल नंबर होगा.

जिस पर कॉल करते ही मरीज का मोबाइल नंबर इंट्री हो जायेगा. उक्त इंट्री नंबर पर कॉल या मैसेज द्वारा मरीज को दवाइयों के संबंध में सूचना दी जायेगी. ताकि कोई भी मरीज समय पर दवा खाना न भूले. जिन मरीजों के पास मोबाइल नहीं है, वे अपने पड़ोसी या क्षेत्रीय सहिया के मोबाइल से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इस दौरान मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. एस. के. झा, एमजीएम अधीक्षक डॉ. ए. के. सिंह, डब्ल्यूएचओ के रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरकुलोसिस कंट्रोल प्रोग्राम के स्टेट कंसल्टेंट डॉ. राजीव पाठक उपस्थित थे.

हर दो माह में होगी जांच

योजना के तहत मरीज को उनके वजन के हिसाब से तीन चरण में कुल आठ माह की दवा दी जायेगी. प्रत्येक दो माह के अंतराल पर मरीज की एआरटी सेंटर में जांच होगी और परामर्श दिया जायेगा.