अस्पताल के मालिक पर डॉक्टर संतोष गुप्ता ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप, आइएमए ने खोला एलीट के खिलाफ मोर्चा

जमशेदपुर. आइएमए से जुड़ा कोई भी डॉक्टर अब एनएच 33 स्थित एलीट अस्पताल में काम नहीं करेगा. आइएमए की शुक्रवार को साकची आइएमए बिल्डिंग में डॉ उमेश खां की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में सर्वसर्मति से उक्त निर्णय हुआ. साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई चिकित्सक वहां अपनी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 25, 2017 8:38 AM
जमशेदपुर. आइएमए से जुड़ा कोई भी डॉक्टर अब एनएच 33 स्थित एलीट अस्पताल में काम नहीं करेगा. आइएमए की शुक्रवार को साकची आइएमए बिल्डिंग में डॉ उमेश खां की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में सर्वसर्मति से उक्त निर्णय हुआ. साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई चिकित्सक वहां अपनी सेवाएं देता है, तो उसके साथ कोई घटना घटने की स्थिति में आइएमए उसका साथ नहीं देगा. संगठन के प्रदेश संयुक्त डॉ अशोक ने कहा कि सदस्यों को एलीट जैसे फर्जी व जालसाज अस्पतालों का बहिष्कार करना चाहिए.

आइएमए सचिव डॉ मृत्युंजय सिंह ने बताया कि आइएमए के सह सचिव डॉ संतोष गुप्ता ने एलीट अस्पताल के मालिकों द्वारा उनके साथ धोखाधड़ी किये जाने का आरोप लगाते हुए संस्था को एक लिखित आवेदन सौंपा था, जिस पर आज उक्त निर्णय लिया गया. डॉ सिंह ने बताया कि एलिट अस्पताल के मालिकों, एसएन प्रसाद तथा अन्य ने उक्त अस्पताल डॉ संतोष गुप्ता को 18 साल के लिए लीज पर दिया था, जिसके एवज में डॉ गुप्ता से मोटी रकम भी ली गयी. लेकिन एग्रिमेंट करने के दौरान आनाकानी करने लगे. इसी बीच डॉ गुप्ता को पता चला कि अस्पताल पर कुल 10.50 करोड़ रुपये का लोन है.

इसके बाद डॉ गुप्ता ने अपने पैसों की मांग की तो उन लोगों ने पैसे देने से इनकार कर दिया. बैठक में मुख्य रूप से डॉ राम नरेश राय, डॉ फिरोज, डॉ मनोज, डॉ विजय अग्रवाल, डॉ ए एन प्रसाद, डॉ जीसी माझी, डॉ समीर, डॉ ज्ञान प्रकाश जायसवाल, डॉ विजय कुमार, डॉ सुरेश, डाॅ दीपक कुमार, डॉ मुकेश कुमार, डॉ राम कृष्ण महतो, डॉ अजय गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे. इस संबंध में एलिट अस्पताल के मालिक सच्चिदानंद प्रसाद से भी बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.