एमसीआइ की टीम ने एमजीएम के कई विभागों का किया निरीक्षण, गाइड लाइन से कम हुआ काम

जमशेदपुर :एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने आयी एमसीआइ (मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया) की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी, आइसीयू का निरीक्षण किया. पिछली बार जांच के दौरान पायी गयी कमियों का वर्तमान से तुलना करते हुए आकलन किया. टीम ने पाया कि अभी भी लगभग 30 प्रतिशत काम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 8, 2017 7:51 AM

जमशेदपुर :एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने आयी एमसीआइ (मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया) की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी, आइसीयू का निरीक्षण किया. पिछली बार जांच के दौरान पायी गयी कमियों का वर्तमान से तुलना करते हुए आकलन किया. टीम ने पाया कि अभी भी लगभग 30 प्रतिशत काम होना बाकी है. फैकल्टी की कमी पर सबसे ज्यादा अापत्ति जतायी. उसे जल्द पूरा करने का अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया.

जांच टीम ने एमसीआइ के तय मानकों के अनुसार अस्पताल में संसाधन, बेडों की संख्या, मरीजों को मिलने वाली सुविधा, मरीजों की संख्या, सभी विभाग के रजिस्टर, डॉक्टर व स्टाफ की संख्या, अस्पताल में मेजर व नॉर्मल ऑपरेशन आदि की जानकारी ली. ऑर्थो व सर्जरी विभाग में लगा इस्टेलाइजर के बारे में जानकारी लेने के साथ ही मशीनों को चालू कर दिखाने को कहा गया. साथ ही सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर को ठीक करने व एक और ऑपरेशन थियेटर खोलने को कहा गया. टीम ने अन्य कई जानकारियां ली. निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर एके सिंह, कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसी अखौरी सहित संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे. समय पर खुला ओपीडी. शुक्रवार को सभी ओपीडी समय पर खुले. सभी विभागों के डॉक्टर भी समय पर पहुंचे. अस्पताल में साफ- सफाई का पूरा ध्यान रखा गया था. साथ ही सभी डॉक्टर व कर्मचारी ड्रेस में तथा आई कार्ड लगाये हुए थे. टीम में शामिल. असम के डॉ.बीसी दत्ता, कर्नाटक के डॉ. वेंकटेश व डॉ. बालभास्कर.

आज भी करेगी निरीक्षण. अस्पताल व कॉलेज का निरीक्षण करने आयी एमसीआइ की टीम शनिवार को भी निरीक्षण करेगी. इसके साथ ही प्राचार्य के साथ बैठक भी होगी.

लाइन कटी थी, टीम कर रही थी निरीक्षण

जब सुबह एमसीआइ की टीम एमजीएम कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंची तो कॉलेज में लाइन कटी हुई थी. जनरेटर खराब होने के कारण लाइट नहीं जल रही थी. प्राचार्य के ऑफिस में इनवर्टर के कारण किसी तरह काम चला.