मरीन ड्राइव: मुआवजा व ट्रेलर जब्त करने की मांग पर पांच घंटे चला हंगामा, ड्यूटी जा रहे मजदूर को कुचला

जमशेदपुर. मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के साढ़े पांच बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ड्यूटी जा रहे सनाेज मिस्त्री की ट्रेलर से कुचलकर मौत हो गयी. दुर्घटना के बाद जख्मी सनोज को लोगों ने तत्काल एमजीएम पहुंचाया, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना के बाद मुआवजा की मांग को लेकर लोगों ने पांच […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 14, 2017 7:41 AM
जमशेदपुर. मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के साढ़े पांच बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ड्यूटी जा रहे सनाेज मिस्त्री की ट्रेलर से कुचलकर मौत हो गयी. दुर्घटना के बाद जख्मी सनोज को लोगों ने तत्काल एमजीएम पहुंचाया, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना के बाद मुआवजा की मांग को लेकर लोगों ने पांच घंटे तक मरीन ड्राइव जाम रखा. एसडीओ ने दस हजार और सोनारी थाना प्रभारी अनुज कुमार ने दो हजार रुपये तत्काल राहत देकर जाम खत्म कराया.

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रेलर को जब्त करने व चालक की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है. सनोज मिस्त्री मूल रूप से गया जिले के नगर प्रखंड बेलागंज, थाना मगध, गांव बजराही का निवासी था. वह सोनारी कपाली बस्ती में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था. वह मिलिट्री कैंप में ठेका मजदूर के रूप में काम करता था.

सनोज सुबह साढ़े पांच बजे आर्मी कैंप जाने के लिए घर से निकला था. मरीन ड्राइव पर निकलते ही वह ट्रेलर की चपेट में आ गया. धक्का मारने के बाद ट्रेलर चालक वाहन समेत भाग निकला. सूचना मिलते ही छह बजे के करीब सोनारी भाजपा मंडल अध्यक्ष चुन्नु भूमिज, बंटी शर्मा, सूरज हरपाल समेत अन्य लोगों ने मरीन ड्राइव को जाम कर दिया. सोनारी थाना प्रभारी अनुज कुमार ने जाम हटाने का अनुराेध किया, लेकिन लोग नहीं माने. घंटों हंगामा होता रहा.

स्थानीय लोग मुआवजा और ट्रेलर जब्त करने की कार्रवाई की मांग कर रहे थे. करीब पांच घंटे के बाद सुबह ग्यारह बजे एसडीओ मनोज रंजन घटना स्थल पर पहुंचे और तत्काल दस हजार रुपये मुआवजा मृतक की पत्नी को सौंपा, इसके बाद जाम हटाया गया. कदमा थाना प्रभारी अनुज कुमार ने भी मानवता के नाते दो हजार रुपये की मदद पीड़ित परिवार को की. जाम के कारण मरीन ड्राइव से होकर बड़ी गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. वाहनों की लंबी कतार लगी रही. एसडीओ को भी जाम का सामना करना पड़ा. जाम के बीच ही एसडीओ किसी तरह स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की.