आदिवासी परिवारों के हालात बेहद खराब

नारायणपुर : आंध्र प्रदेश में बंधकों से मुक्त होकर घर लौट रहे शिव के पिता ठेरू हेंब्रम ने बताया कि गांव में कोई रोजगार नहीं है. जिस कारण यहां के लोग बाहर कमाने जाते हैं. प्रशासन से कोई काम भी नहीं दिया जाता. आदिवासी परिवारों के हालात बेहद खराब हैं. ठेरू की आंखें छलछला गयी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 25, 2017 4:51 AM

नारायणपुर : आंध्र प्रदेश में बंधकों से मुक्त होकर घर लौट रहे शिव के पिता ठेरू हेंब्रम ने बताया कि गांव में कोई रोजगार नहीं है. जिस कारण यहां के लोग बाहर कमाने जाते हैं. प्रशासन से कोई काम भी नहीं दिया जाता. आदिवासी परिवारों के हालात बेहद खराब हैं. ठेरू की आंखें छलछला गयी. कहा पेट की आग बहुत पीड़ादायी होती है. नेता आते हैं नेतागिरी चमका कर चले जाते हैं. अफसर भी दर्शन तक नहीं देते. गांव के ही सनातन सोरेन बताया कि गांव की समस्याओं पर कभी ना तो नेताओं ने ध्यान दिया ना प्रशासन ने. टोला का चापानल खराब पड़ा हुआ है. चंदा जुटा कर ठीक करवाने की योजना गांव वाले बना रहे हैं.

मजदूरों को पीटते हैं ठेकेदार
खीरू ने यह भी बताया कि काम के साइट पर पहुंचने के बाद मजदूरों के साथ कैलाश महतो के भाई जानकी महतो तथा उनके भांजे मारपीट करते थे. काम के लिए सुबह के चार बजे उठाया जाता था. रात के आठ बजे तक काम करवाया जाता था. मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था. खीरू ने बताया कि जब मजदूर भाग गये तो उनके साथ भी बेरहमी के साथ मारपीट करने लगे. जब मजदूरों को खोजने निकले तो वे भी रात के समय भाग निकले. कहा इरकिया गांव के दो मजदूर अब भी आंध्र प्रदेश में फंसे हुए हैं.