टाटा स्टील. जेसीसीएम के निर्णय पर सत्तापक्ष को घेरने में जुटा विपक्ष, एक को बनेगी रणनीति
जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच एेतिहासिक 1956 के समझौता में छेड़छाड़ की भनक से मजदूर गोलबंद होने लगे है. मजदूरों को बीच विपक्ष ने गोलबंदी शुरू कर दी है. विपक्ष ने साफ तौर पर घोषणा कर दी है कि इस मुद्दे पर किसी भी हद तक वे जायेंगे. विपक्ष आर या पार की लड़ाई के मूड में है क्योंकि 1956 समझौते को टाटा स्टील में मजदूरों का ग्रंथ के रूप में जाना जाता है. जिस तरह बाइबल, गीता, गुरु ग्रंथ साहिब या कुरान है, उसी तरह इस समझौते को मजदूर मानते है. मजदूर किसी कीमत पर इसमें बदलाव को तैयार नहीं है. शुक्रवार को सभी विभागों में यह चर्चा आम हाे गयी थी. विपक्ष मामले में श्रीलंका दौरे से लौटते ही सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है.
मजदूर दिवस पर नेताओं की गोलबंदी
एक मई को मजदूर दिवस के मौके पर मजदूर नेताओं द्वारा गोलबंदी की जा सकती है. इंटक के नेताओं के साथ ही कई दूसरे संगठनों के नेताओं को भी जोड़ा जा रहा है. इस मुद्दे पर कंपनी गेट पर सभा करने की तैयारी है.
जो होगा सहेंगे, लेकिन 1956 का समझौता बदलने नहीं देंगे : भाष्कर
विपक्ष के नेता भास्कर राव ने कहा कि 56 का समझौता हमारे लिए ऐतिहासिक ग्रंथ है. जो भी होगा, उसे हम सहन कर लेंगे, लेकिन उसके साथ छेड़छाड़ बरदाश्त नहीं किया जायेगा. अच्छा करना नहीं है बल्कि जैसा है, उसको उसी तरह से छोड़ दिया जाये तो बेहतर होगा. बदलाव का हम इसका विरोध करेंगे.
जुस्को का कमेटी मीटिंग आज
जुस्को श्रमिक यूनियन का कमेटी मीटिंग शनिवार को होगी. मीटिंग में नयी कमेटी अपना फैसला लेगी. एजेंडा का खुलासा नहीं किया गया है.
कर्मचारियों से ज्यादा से ज्यादा आउटपुट लेगी टाटा स्टील
कर्मचारियों के पूरे आठ घंटे का हिसाब रखेगी कंपनी
