Jamshedpur News : परसुडीह : माता-पिता के शव को पकड़ कर फूट-फूट कर रोयी बेटी, कहा- एक बार आंख खेल कर आशीर्वाद दे दो मां

Jamshedpur News : मां एक बार आंख खोलों और अच्छे से आशीर्वाद दे दो. हम कुछ नहीं बोलेंगे. अच्छे से आशीर्वाद दो मां. एक बार बात कर लो मां. तुम और बाबा दोनों चुप क्यों हो.

By Prabhat Khabar News Desk | February 17, 2025 12:07 AM

शनिवार को हाइवा की चपेट में आने से हो गयी थी दंपती की मौत

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मां एक बार आंख खोलों और अच्छे से आशीर्वाद दे दो. हम कुछ नहीं बोलेंगे. अच्छे से आशीर्वाद दो मां. एक बार बात कर लो मां. तुम और बाबा दोनों चुप क्यों हो. उक्त बातें शनिवार को सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले देवाशीष चौधरी और नुपूर चौधरी की बेटी दिशानी चौधरी अपने मां-पिता के शव को पकड़ कर रोते हुए बोल रही थी. मां- पिता के शव को एक साथ देख कर वह मुर्क्षित हो जा रही थी. पिता के शव की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बेटी को पिता का चेहरा भी नहीं दिखाया गया. लेकिन मां के सिर को चूम कर बेटी बार-बार उन्हें जगा रही थी. मां के शव को पकड़ कर वह जोर-जोर से रो रही थी. रोते-रोते बेटी की सांस फूलने लगी तो घर की महिलाएं उसे भीतर लेकर चलीं गयीं. देवाशीष चौधरी और नुपूर चौधरी का शव पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को उनके प्रमोथ नगर स्थित आवास पर पहुंचा. दंपती के शव को देख कर माहौल गमगीन हो गया. परिवार के लोगों ने शव के अंतिम दर्शन किये. उसके बाद दोनों की अंतिम यात्रा निकाली गयी. इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदिप्त डे राणा, जेएमएम नेता मानिक मल्लिक समेत कई लोग शामिल हुए. वहीं बेटी दिशानी चौधरी के बयान पर बागबेड़ा थाना में हाइवा के चालक राहुल कुमार के खिलाफ तेजी व लापरवाही का केस दर्ज कराया है.

बेटी की शादी की चल रही थी बातचीत

मिली जानकारी के अनुसार देवाशीष और नुपूर चौधरी की बेटी दिशानी ने हाल में ही अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. परिवार में अब उसकी शादी करने की बात भी हो रही है. देवाशीष चौधरी प्रमोथ नगर स्थित घर का निर्माण कार्य भी करवा रहे थे.

छोटी-छोटी गलतियां दुर्घटनाओं को दे रहे न्योता

स्टेशन महुआ गली के पास बीती रात दुर्घटना के बाद भी पुलिस छोटी-छोटी गलतियों को अनदेखी कर रही है, जो फिर दुर्घटना का कारण बन सकती है. स्टेशन रोड स्थित भाजपा कार्यालय के ठीक सामने रेलवे द्वारा सप्लाई पाइप लाइन गड्ढे को यूं ही छोड़ दिया गया है. गड्ढे के आस-पास लोहे के एंगल निकले हुए हैं. इससे कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है. कुछ ही दूरी पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा जांच अभियान रोजाना चलाया जाता है. लेकिन राहगीरों को होने वाली परेशानी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं होता है.

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