Jamshedpur News :
मानगो आस्था स्पेस टाउन निवासी और क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सिंह की हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी है. हत्या के खुलासे में सबसे बड़ी बाधा मोबाइल कॉल सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब तक नहीं मिलना बन रही है. पुलिस का कहना है कि मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा सीडीआर देने में देरी की जा रही है, जिससे जांच में मुश्किलें आ रही हैं. वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अब तक उपलब्ध नहीं हो पायी है.अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विनय सिंह को गोली नजदीक से मारी गयी थी. पहले जो खबरें आयी थीं कि उनके हाथ और पैर की हड्डियां टूटी थीं, वह गलत साबित हुई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है. मानगो शंकोसाई निवासी अमित श्रीवास्तव उर्फ जॉनी से विनय सिंह का फ्लैट और जमीन को लेकर विवाद था. इसके अलावा कुछ करीबी लोग भी पुलिस की जांच के घेरे में हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि विनय सिंह को किसी अपने के बुलावे पर ही घटनास्थल पर बुलाया गया था.बुधवार को ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, डीएसपी वचनदेव कुजूर और एमजीएम थाना प्रभारी रामबाबू मंडल ने घटनास्थल पर पहुंचकर सीन रीक्रिएट किया और आस-पास की जांच की. जानकारी के अनुसार हत्या के बाद पिस्तौल घटनास्थल पर कॉक अवस्था में छोड़ दी गयी थी, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस हत्या के पीछे किसी जान-पहचान वाले का हाथ मान रही है और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है. बताया जा रहा है कि हत्यारे ने मोबाइल का कॉल डिटेल डिलीट कर दिया था.गौरतलब है कि 20 अप्रैल को विनय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में उनकी पत्नी रीना सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एमजीएम थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. उनकी हत्या से क्षत्रिय समाज में रोष व्याप्त है, जिस कारण पुलिस सतर्कता बरत रही है.
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