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टाटा की की 16 साल की काम्या कार्तिकेयन ने एवरेस्ट को किया फतह

जमशेदपुर. टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन की 16 साल की काम्या कार्तिकेयन ने एवरेस्ट (8,849 मीटर) फतह करके एक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है.

जमशेदपुर. टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन की 16 साल की काम्या कार्तिकेयन ने एवरेस्ट (

8,849 मीटर)

फतह करके एक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल और हेमंत गुप्ता के मार्गदर्शन में काम्या ने भारतीय समय के मुताबिक, सोमवार (20 मई) को दिन में 12:35 बजे एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा और टाटा स्टील का झंडा लहराया. उनके साथ इस अभियान में उनके पिता एस कार्तिकेयन भी शामिल थे. नौ सेना में कार्यरत एस कार्तिकेयन ने अपनी बेटी के साथ मिलकर एवरेस्ट फतह करके पूरे समाज के सामने नयी मिसाल कायम की है. दोनों पिता-पुत्री शाम 4:10 बजे तक बेस कैंप-4 में लौट आयें. काम्या को एवरेस्ट तक पहुंचने में टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन ने आर्थिक व तकनीकी दोनों सहायता प्रदान की. मात्र नौ साल की उम्र में 20187 फीट ऊंचे माउंट स्टोक कांगरी की थी चढ़ायी

माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली काम्या उनके पिता कमांडर एस कार्तिकेयन ( जो स्वयं एक कुशल पर्वतारोही हैं) ने उनका पूरा साथ दिया. अक्टूबर 2017 में, मात्र नौ वर्ष की आयु में काम्या ने माउंट स्टोक कांगरी ( 20187 फीट) पर चढ़कर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थी. अपने पिता की पर्वतारोहण गतिविधियों से प्रेरित होकर, काम्या ने तीन साल की छोटी सी उम्र से ही सह्याद्री या पश्चिमी घाटों में ट्रैकिंग शुरू कर दी थी. उनकी हिमालय यात्रा सात साल की उम्र में शुरू हुई, जब काम्या ने 2015 में चंद्रशिला चोटी (12,000 फ़ीट) की ऊँचाई पर ट्रेकिंग शुरू की. 2016 में, उन्होंने हर-की-दून (13,500 फ़ीट), केदारकांठा चोटी (13,500 फ़ीट) और रूपकुंड झील (16,400 फ़ीट) जैसी अधिक कठिन और ऊँची ट्रेकिंग पूरी की. मई 2017 में, काम्या ने नेपाल में 17,600 फ़ीट की ऊँचाई पर एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग की और यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की लड़की बन गयी. मई 2019 में, उन्होंने प्रसिद्ध ब्रिघू झील (14,100 फ़ीट) तक सफलतापूर्वक ट्रेकिंग की और हिमाचल प्रदेश में सर पास (13,850 फ़ीट) को पार किया. टीएसएएफ के तत्वावधान में अत्यधिक तकनीकी माउंट कांग यात्से 1 (21,000 फीट) पर चढ़ाई की. काम्या को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो 18 वर्ष से कम आयु के नागरिकों के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार है, तथा उन्होंने बहुत ही कम उम्र में कई अभूतपूर्व पर्वतारोहण उपलब्धियां हासिल की हैं.

उनके नाम यह रिकॉर्ड भी है शामिल रिकॉर्ड भी शामिल हैं:

20,000 फीट से अधिक ऊंची चोटी पर चढ़ने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की युवती

माउंट एकॉनकागुआ पर चढ़ने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की

माउंट एल्ब्रस के शिखर से स्की करके नीचे उतरने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की

(माउंट डेनाली पर चढ़ने वाली सबसे कम उम्र की गैर-अमेरिकी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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