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ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली नसीब नहीं

जामताड़ा में बिजली का हाल. अन्य जिलों को सप्लाई देने से बिगड़ी व्यवस्था जिले को रोजना 60 मेगावाट िबजली मिल रही है. दूसरे जिले व सब स्टेशन को बिजली सप्लाई करने से ग्रमीण क्षेत्रों को िनयमित बिजली नहीं मिल रही है. जामताड़ा : जामताड़ा जिले में बिजली अापूर्ति व सप्लाई का हाल का बुरा है. […]

जामताड़ा में बिजली का हाल. अन्य जिलों को सप्लाई देने से बिगड़ी व्यवस्था

जिले को रोजना 60 मेगावाट िबजली मिल रही है. दूसरे जिले व सब स्टेशन को बिजली सप्लाई करने से ग्रमीण क्षेत्रों को िनयमित बिजली नहीं मिल रही है.
जामताड़ा : जामताड़ा जिले में बिजली अापूर्ति व सप्लाई का हाल का बुरा है. यहां से दूसरे जिले को बिजली दिये जाने से ग्रामीण क्षेत्र को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है. इस करण लोगों को परेशानी को सामना करना पड़ रहा है. वहीं लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
गौरतबल है कि जामताड़ा पावर ग्रिड को मैथन डीवीसी से रोजना 60 मेगावाट बिजली मिलती है. इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति करनी है. इसके अलावा देवघर जिले के मधुपुर को प्रतिदिन 20 मेगावाट, इसीएल चितरा कोलियरी को प्रतिदिन चार मेगावाट, भारतीय रेल को औसतन सात मेगावाट बिजली सप्लाई की जाती है. वहीं देवघर जिले के शिमला को भी जामताड़ा से ही बिजली मिल रही है. इतना करने के बाद जामताड़ा ग्रिड को ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली देनी है.
जामताड़ा ग्रिड से लगभग 40 मेगावाट में आठ सब स्टेशनों को बिजली सप्लाई करनी पड़ती है. यह कार्य करने में समय बीत जाता है और ग्रामीण क्षेत्र के लोग बिजली की समस्या से जूझते रहते हैं. विभाग के अनुसार बिजली खपत पिक आवर में अधिक है. पिक आवर शाम छह बजे से रात ग्यारह बजे रखा गया है. जानकारी के अनुसार देवघर से मधुपुर को बिजली सप्लाई को लेकर एनटीपीसी द्वारा कार्य किया जा रहा है. जल्द ही जामताड़ा से मधुपुर को बिजली आपूर्ति बंद हो सकती है.
विभाग के पास आपूर्ति व सप्लाई का आंकड़ा नहीं
विभाग के पास बिजली आपूर्ति व सप्लाई का आंकड़ा नहीं हैं. पिछले एक सप्ताह का आंकड़ा भी विभाग उपलब्ध नहीं करा पाया. कहा गया कि ये आंकड़ा नहीं रखा जाता है. विभाग का कहना है कि मैथन से प्रतिदिन 60-62 मेगावाट बिजली मिलती है. जामताड़ा ग्रिड के पास 60-62 मेगावाट की क्षमता है. इससे ज्यादा बिजली लेने पर ग्रिड में कई तरह की तकनीकी खराबी आ सकती है. 20 मेगावाट मधुपुर को देने के बाद 40 मेगावाट सब स्टेशन व रेल को दिया जाता है.
जामताड़ा ग्रिड से मधुपुर, इसीएल चितरा को दी जाती है बिजली
क्या कहते हैं एसडीओ
जामताड़ा ग्रिड को प्रतिदिन 60-62 मेगावाट बिजली मिलती है. यहां से मधुपुर रेल को सप्लाई देने के बाद जामताड़ा के सभी आठ ग्रिडों को बिजली दी जाती है.
– जेपी तिर्की, एसडीओ, जामताड़ा पावर ग्रिड.
ये हैं आठ सब स्टेशन
जामताड़ा, नारायणपुर, चितरा, मिहिजाम, करमाटांड़, नाला, शिमला, मिहिजाम. इसके अलावा भारतीय रेल को दिया बिजली दी जाती है.
Prabhat Khabar Digital Desk
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