480 गांवों ग्रामीणों ने नहीं देखा बल्व
उदासीनता . बिजली देने के लिए दो वर्षों से पेश पावर कंपनी कर रही कार्य... 754 गांवों में बिजली पहुंचाने का था लक्ष्य अब तक 274 गांवों में ही पहुंची बिजली जामताड़ा : एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की सपना देख रही है. दूसरी तरफ आजादी के 70 वर्षों के बाद भी जामताड़ा जिले के […]
उदासीनता . बिजली देने के लिए दो वर्षों से पेश पावर कंपनी कर रही कार्य
754 गांवों में बिजली पहुंचाने का था लक्ष्य
अब तक 274 गांवों में ही पहुंची बिजली
जामताड़ा : एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की सपना देख रही है. दूसरी तरफ आजादी के 70 वर्षों के बाद भी जामताड़ा जिले के 480 गांवों में बिजली नहीं पहुंची है. इससे डिजिटल इंडिया के सपने पर ग्रहण लगता प्रतीत हो रहा है. आज भी इन गांवों के ग्रामीण बिजली आने की आस में हैं. वहीं इतने साल बीत जाने के बाद भी इन गांवों में अंधेरा दूर करने को लेकर विभाग संवेदनशील नहीं दिख रहा है़. गौरतलब है कि जिला में बिजली विहीन गांवों में बिजली देने का जिम्मा सरकार ने जून 2016 में हैदाराबाद के पेश पावर कंपनी को दिया है़. पिछले दो वर्षों में कंपनी ने 754 गांवों में से मात्र 274 गांवों में बिजली पहुंचायी है. जबकि कंपनी को मार्च 2018 में सभी गांवों में बिजली का कार्य पूरा करना है़. पेश पावर कंपनी की कार्य में लेटलतिफी के कारण पुन: कार्य को पूरा करने का अवधि जून 2018 बढ़ा दिया गया है.
डीसी ने भी मामले को गंभीरता से लिया
पिछले दिनों हुई बैठक में डीसी रमेश कुमार दुबे इन गांवों में बिजली नहीं पहुंचने पर गंभीर दिखे. इसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों व पेश पावर कंपनी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था. इसके बाद कंपनी ने काम ने तेजी लायी है.
प्रखंड गांव बिजली वाले गांव प्रगति वाले गांव
जामताड़ा 170 108 30
कुंडहित 80 29 18
नाला 273 79 32
नारायणपुर 231 58 32
कुल 754 274 112
क्या कहते हैं प्रोजेक्ट मैनेजर
जिला के बिजली विहिन गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है़. विभाग द्वारा पूर्व में कार्य पूरा करने की समय सीमा मार्च 2018 तक दिया था, लेकिन कार्य पूरा करने का समय सीमा बढ़ा कर जून 2018 किया है़. जून तक सभी गांवों में बिजली पहुंचेगी.
– शिवारामा कृष्णा, प्रोजेक्ट मैनेजर, पेश पावर कंपनी
