जिले के 65 पीड़ितों में मात्र 17 ही ले रहे पेंशन
उदासीनता. एचआइवी पॉजिटिव पेंशन लेने के प्रति जागरूक नहीं... जामताड़ा : एड्स जानलेवा बीमारी है. छिपाने से बीमारी बढ़ती है. इस बात की जानकारी पीड़ितों को होने के बाद भी समाज की डर और लोक लिहाज के कारण आज भी एड्स पीड़ित लोग समाज से कटे रहना चाहते हैं. इसी कारण अनेकों पीड़ितों ने सरकार […]
उदासीनता. एचआइवी पॉजिटिव पेंशन लेने के प्रति जागरूक नहीं
जामताड़ा : एड्स जानलेवा बीमारी है. छिपाने से बीमारी बढ़ती है. इस बात की जानकारी पीड़ितों को होने के बाद भी समाज की डर और लोक लिहाज के कारण आज भी एड्स पीड़ित लोग समाज से कटे रहना चाहते हैं. इसी कारण अनेकों पीड़ितों ने सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन को लेने से कतराते हैं. जिले में कुल एचआइवी पीड़ित की संख्या 65 है. जिसमें से अब तक मात्र 17 लोग ही पेंशन का लाभ उठा रहे हैं. जबकि सरकार की ओर से सभी एचआइवी पॉजिटिव लोगों को पेंशन देने का प्रावधान है.
इसके बाद भी लोग पेंशन लेने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. उन्हें प्रत्येक माह 600 रुपये पेंशन दिये जाने का नियम है. साथ लोगों के बीच ऐसे एचआइवी पीड़ित लोगों का नाम गोपनीय रखने का काम सरकार कर रही है. जिला स्तर पर सदर अस्पताल में आइसीटीएस केंद्र वर्ष 2008 में स्थापित किया गया है. तब से आज तक 70 एचआइवी पॉजिटिव को चिह्नित किया जा चुका है. इनमें से पांच ऐसे लोग थे जो झारखंड के बाहर के रहने वाले थे. वहीं 17-18 में एचआइवी पॉजिटिव के लोग की संख्या चार है. जिनका इलाज किया जा रहा है.
कहीं लंबा प्रोसेस तो नहीं उदासीनता का कारण
एचआइवी पीड़ित लोगों में पेंशन नहीं लेने की दो वजह है. पहला कि यह पेंशन एचआइवी पीड़ित वैसे लोगों को दी जाती है, जो इसकी रोकथाम के लिए एंटी रेट्रो थैरेपी केंद्र से एआरवी दवा लेकर इसका नियमित प्रयोग करते हैं. यह दवा उनलोगों के लिए जरूरी है. सीडी-4 काउंट 500 से कम होता है. हर छह माह में होने वाली रक्त जांच से इसका पता चलता है. ऐसे पॉजिटिव लोग झारखंड में स्थापित कई केंद्रों में दवा लेने का सिस्टम है. वहीं दूसरी वजह है कि सरकार इसकी गोपनीयता बनायी रखती है. फॉर्म भरने के बाद इसके अनुमोदन तक के लिए कहीं सशरीर उपस्थित होना नहीं पड़ता है. फिर भी लोग पेंशन लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं.
2008 में सदर अस्पताल में बना है आइसीटीएस केंद्र
अभी चार का हो रही नियमित इलाज
पहचान गुप्त रखने का है सरकारी नियम
आवेदन के लिये नहीं जाना होता है पीड़ित को सशरीर
बोले जिला परामर्शी
जिला के एचआइवी पॉजिटिव 17 लोगों को पेंशन दिया जा रहा है. इसके पश्चात छह आवेदन जमा लिया गया है. इन्हें भी जल्द स्वीकृत कर पेंशन दी जायेगी. पेंशन लेने के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है.
– सुनील कुमार दुबे
एचआइवी पॉजिटिव के लक्षण
गले या बगल में सूजन व गिल्टी होना
लगातार कई-कई हफ्ते अतिसार घटते जाना
लगातार कई-कई हफ्ते बुखार का रहना
कई हफ्ते तक खांसी रहना
अकारण वजन घटते जाना
मुंह में घाव हो जाना
त्वचा पर दर्द भरे और खुजली वाले ददोरे/चकते होना
उपरोक्त सभी लक्षण अन्य सामान्य रोगों के भी हो सकते हैं
किसी भी व्यक्ति एचआइवी संक्रमित है या नहीं यह केवल जांच के बाद ही पता चलता है.
एड्स से कैसे बचें
जीवन-साथी के अलावा किसी अन्य से यौन संबंध नहीं रखें.
यौन सम्पर्क के समय निरोध (कंडोम) का प्रयोग करें.
एड्स पीड़ित महिलाओं के बच्चे में भी यह रोग लग सकता है.
किसी भी अनजान व्यक्ति से रक्त ना लें. एसआइवी की जांच के बाद भी रक्त ग्रहण करें.
डिस्पोजेबल सिरिंज एवं सूई तथा अन्य चिकित्सकीय उपकरणों का 20 मिनट पानी में उबालकर जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लायें.
एड्स-लाइलाज है- बचाव ही उपचार है
