ओके….. री-एडमिशन पर वार्ता
फोटो : 17 जाम 12,13,14,15,16,17नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा री-एडमिशन के मामले पर अभिभावकों का आंदोलन रंग लाने लगा है. उनके विरोध-प्रदर्शन से जिला शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आया है. उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने री-एडमिशन मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस संबंध में सरकार के दिशा-निर्देश के बाद कार्रवाई की जायेगी. […]
फोटो : 17 जाम 12,13,14,15,16,17नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा री-एडमिशन के मामले पर अभिभावकों का आंदोलन रंग लाने लगा है. उनके विरोध-प्रदर्शन से जिला शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आया है. उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने री-एडमिशन मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस संबंध में सरकार के दिशा-निर्देश के बाद कार्रवाई की जायेगी. वही इस मामले को लेकर कई पार्टी धरना-प्रदर्शन करने को तैयार है. अभिभावकों ने कहा:री-एडमिशन का खेल बंद होना चाहिए. स्कूलों में इसे बंद करना चाहिए. जब छात्र ने एक बार एडमिशन ले लिया तो उसे हर साल री एडमिशन लेने की क्या जरूरत है. -सैयब अंसारीरी-एडमिशन निजी स्कूलों के लिये मोटी कमाई का जरिया है. हर हाल में जिला प्रशासन इस पर रोक लगाये. -कौशिक चटर्जीनिजी स्कूलों में मासिक फीस, डेवलपमेंट फीस और री-एडमिशन फीस की वजह से स्कूल स्तर की पढ़ाई इंजीनियर और डॉक्टर स्तर की पढ़ाई से भी महंगी हो गयी है.-चंदन कुमार सभी निजी स्कूलों के वार्षिक लेखा के आधार पर फीस का निर्धारण राज्य सरकार को करनी चाहिए. स्कूलों की फीस नो प्रोफिट और नो लॉस के आधार पर तय हो. ताकि गरीब बच्चे भी अच्छे संस्थान में पढ़ सके.-शमिम अंसारीस्कूल प्रबंधन की इस तानाशाह रवैया का जवाब सरकार को देना चाहिए. सभी निजी स्कूलों को बंद करना चाहिए.- अजय कुमार किसी तरह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए स्कूलों में भेजते हैं. लेकिन स्कूलों की मनमानी के कारण हम लोगों का हौसला पस्त हो गया है.-कैलाश महतो
