विचार बदलें, थमेगी घरेलू हिंसा

डीएसपी ने किया उदघाटन, कहा... जामताड़ा : पुरुष अपने विचारधारा में बदलाव लाये तभी घरेलु हिंसा पर रोक लग सकती है. समाज महिला व पुरुष दोनों की सहभागिता से व्यवस्थित होती है. यह बातें जामताड़ा एसडीपीओ राजबली शर्मा ने शुक्रवार को रेडक्रास सभागार में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 जागरूकता, प्रभावी क्रियान्वयन व मानव अधिकार विषय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 6, 2013 3:35 AM

डीएसपी ने किया उदघाटन, कहा

जामताड़ा : पुरुष अपने विचारधारा में बदलाव लाये तभी घरेलु हिंसा पर रोक लग सकती है. समाज महिला व पुरुष दोनों की सहभागिता से व्यवस्थित होती है.

यह बातें जामताड़ा एसडीपीओ राजबली शर्मा ने शुक्रवार को रेडक्रास सभागार में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 जागरूकता, प्रभावी क्रियान्वयन व मानव अधिकार विषय पर आयोजित कार्यशाला में कही. यह कार्यक्रम प्रबला समाज सेवी संस्था मिहिजाम द्वारा आयोजित किया गया था. मौके पर श्री शर्मा ने कहा कि दो पक्षों के विचार का तालमेल सही नहीं होने के कारण आपसी विवाद उत्पन्न होती है.

उन्होंने कहा की हमारा समाज महिला और पुरूष दोनों के सहयोग से चलता है. हर इनसान में दो मानसिकता का वास होता है, एक अच्छी व दूसरी बुरी. कभी भी बुरी मानसिकता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दें. लड़की की परिवार में छोटे से छोटे विवाद में लड़की की मां पिता की हस्तक्षेप के कारण बाद बिगड़ जाती है और मामला थाने तक पहुंच जाता है.

श्री शर्मा ने कहा की मां बाप की दखलंदाजी के कारण लड़की के ससुराल में विवाद उत्पन्न होता है. श्री शर्मा ने कहा की घर की बात घर में ही सुलझाये अगर घर में नहीं सुलझती है तो अपने समाज में सुलझायें. मौके पर रेड क्रॉस सचिव राजेंद्र शर्मा. अधिवक्ता जयराम राय, प्रबला के बुला दे, पुलिस निरीक्षक एसएन सिंह, रेड क्रॉस संयुक्त सचिव सत्य प्रकाश कात्यायन, सुचित्र घोष, मीना मरांडी, रूही खातून सहित अन्य उपस्थित थे.