जामताड़ा : पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पांच साइबर आरोपी हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी विशाल मंडल सूदखोरी, महाजनी का कार्य करता है. जो साइबर आरोपी जेल में होते हैं, उनके परिवार वालों को विशाल मंडल सूद पर पैसा देता था. इन सभी साइबर आरोपियों का कार्यक्षेत्र मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश है.

By Prabhat Khabar News Desk | November 29, 2023 9:31 AM

जामताड़ा साइबर अपराध थाना की पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के घोषबाद व मुरलीडीह गांव में छापेमारी कर पांच साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसका खुलासा एसपी अनिमेष नैथानी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस कर किया. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर डीएसपी मजरूल होदा, साइबर थाना प्रभारी मनोज कुमार, इंस्पेक्टर विश्वनाथ सिंह के नेतृत्व में करमाटांड़ के घोषबाद व मुरलीडीह में छापेमारी की गयी. इसमें रियाज अंसारी ग्राम घोषबाद, बिदुर महतो, विशाल मंडल, जयंत विश्वास व अजय यादव ग्राम मुरलीडीह को गिरफ्तार किया गया. इन सभी आरोपियों के पास से 19 माेबाइल, 34 सिम, 02 एटीएम कार्ड, सोने की चेन दो पीस (20.760 ग्राम), (7.790 ग्राम) व सोने का लॉकेट- एक पीस (5.660 ग्राम) जिसकी अनुमानित मूल्य करीब दो लाख रुपये है, जब्त किया गया. कहा कि पूछताछ के क्रम में इन सभी के मोबाइल से साइबर क्राइम की पुष्टि हुई है. साथ ही अपराध स्वीकारोक्ति में साइबर अपराध करने की बात कबूल किया है. कहा कि ये सभी केवाइसी अपडेट के नाम पर क्रेडिट कार्ड का नंबर विक्टिम से मांग कर साइबर ठगी काे अंजाम देते थे. वहीं टाटा कार्ड केवाइसी अपडेट करने के नाम पर गुप्त जानकारी प्राप्त कर साइबर ठगी करता था. इन सभी के विरुद्ध जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 64/2023 धारा 414, 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि एवं 66 बी सी डी आईटी एक्ट के अंतर्गत कांड दर्ज किया गया है. सभी को जेल भेज दिया गया है.


गिरफ्तार विशाल मंडल जेल में रहने वाले साइबर आरोपी के परिवारों को सूद पर देता है पैसा

एसपी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी विशाल मंडल सूदखोरी, महाजनी का कार्य करता है. जो साइबर आरोपी जेल में होते हैं, उनके परिवार वालों को विशाल मंडल सूद पर पैसा देता था. जब साइबर आरोपी जेल से छूट कर घर आता था तो विशाल मंडल ब्याज समेत समेत 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत में पैसा वापस लेता था. इस प्रकार विशाल मंडल साइबर अपराध को बढ़ावा देने में मदद करता था. इस बात की पुष्टि अन्य अपराधियों के पकड़े जाने पर हुई है. बताया कि इन सभी साइबर आरोपियों का कार्यक्षेत्र मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश है. कहा कि जब्त मोबाइल से पता चला है कि टाटा का केवाईसी अपडेट करने में ट्रांजेक्शन हुआ है. इन सभी की अचल संपत्ति को अनुसंधान के क्रम में लाया जायेगा. इन सभी के घर लागत से ज्यादा पाये जाते हैं तो ईडी को अटैच करने लिए अग्रेतर कार्रवाई के लिए दिया जायेगा. मौके पर एसडीपीओ आनंद ज्योति मिंज, साइबर डीएसपी मजरूल होदा, इंस्पेक्टर विश्वनाथ सिंह सहित अन्य मौजूद थे.

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