खलारी : संयुक्त मोरचा एनके एरिया द्वारा केडीएच कारगिल, सीएचपी वर्कशॉप, आउटसोर्सिंग कंपनी रेड्डी के खदान आदि जगहों पर मजदूरों के साथ गेट मीटिंग की गयी.
इसमें मोरचा के नेताओं ने कहा कि इस बार अगर कोयला मजदूर चूका, तो कोयला उद्योग सरकारी रहेगा ही नहीं. सभी कोयला खदानों को निजी हाथों में बेच दिया जायेगा. सरकार द्वारा सीएमपीएफ तथा पेंशन को समाप्त करने की पूरी तैयारी कर ली गयी है. ओटी तथा संडे की कटौती एवं बहुत सारे खदानों को बंद करने का पत्र जारी कर दिया गया है.
कोयला उद्योग के मजदूरों के दसवें वेतन समझौते पर आज कोई चर्चा नहीं हो रही है. वक्ताओं ने कहा कि पूरे कोयला उद्योग को ही समाप्त करने की तैयारी सरकार ने कर ली है. इसलिए देश के सभी श्रमिक संगठनों ने 19, 20 तथा 21 जून को कोयला उद्योग में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है. मोरचा ने उक्त हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया.
कहा कि सरकार द्वारा मजदूरों को बरगलाने के लिए अंतिम समय में दिल्ली में मीटिंग बुलायी गयी है, इससे मजदूरों को गुमराह होने की जरूरत नहीं है. जबतक मजदूरों की मांग मान नहीं ली जाती तबतक हड़ताल से पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता है. गेट मीटिंग की अध्यक्षता रघुवंश नारायण सिंह ने की.
संचालन शैलेश कुमार ने किया. मीटिंग को बलिराम सिंह, प्रेम कुमार, मिथिलेश सिंह, गोविंद नारायण सिंह, गोल्डेन यादव, टीपी सिंह, विनय सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, अशोक लकड़ा, ध्वजाराम धोबी, जीके साहू, रामप्रवेश सिंह आदि ने संबोधित किया. इधर पुरनाडीह परियोजना शाखा की संयुक्त मोरचा की गेट मीटिंग में मजदूर नेता राघव चौबे तथा रामप्रवेश नायक ने मजदूरों से तीन दिवसीय हड़ताल में शामिल होने की अपील की.
