वर्षा जल का संरक्षण करें, सिंचाई होगी

वाटर शेड ऑर्गेनाइजेशन ट्रस्ट ने किया है आयोजन... खूंटी : गांव की दशा बदलने के लिए ग्रामीणों को संगठित होना जरूरी है़ संगठित होकर ही हम अपने गांव व जीवन में बदलाव ला सकते हैं. यह बातें मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कही. वे शुक्रवार को मुरहू के तोनेर गांव में वाटर शेड ऑर्गेनाइजेशन ट्रस्ट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 26, 2018 4:29 AM

वाटर शेड ऑर्गेनाइजेशन ट्रस्ट ने किया है आयोजन

खूंटी : गांव की दशा बदलने के लिए ग्रामीणों को संगठित होना जरूरी है़ संगठित होकर ही हम अपने गांव व जीवन में बदलाव ला सकते हैं. यह बातें मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कही. वे शुक्रवार को मुरहू के तोनेर गांव में वाटर शेड ऑर्गेनाइजेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय जलछाजन मेला के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि जल स्तर को बनाये रखने व सिंचाई के लिए पानी को रोकना आवश्यक है़ इसके लिए गांवों में मेड़बंदी की जा रही है. कई जगहों पर मेड़बंदी को काम नहीं समझा जाता है, लेकिन यह बहुत बड़ा काम है़ इससे गांव का पानी गांव में और गांव की मिट्टी गांव में ही रहती है़
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक विधि से खेती करने की अपील की़. कहा कि आजीविका के साधन के लिए इस तरह कौशल विकास करें कि ग्रामीण अपने ही गांव में काम कर सके तथा अपना रोजगार खड़ा कर सकें. उन्होंने बताया कि मुर्गी पालन, सूअर पालन, मछली पालन कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. आइटीडीए निदेशक भीष्म कुमार ने बताया कि पानी की कमी अब गंभीर समस्या बन गयी है़ इससे निजात पाने के लिए जल संरक्षण आवश्यक है़ बीडीओ प्रदीप भगत ने कहा कि ग्रामीण प्रखंड कार्यालय को परिवार का हिस्सा बनायें. सरकारी योजनाओं को जानें व उसका लाभ उठायें. ट्रस्ट के आरसीसी मैनेजर सुजय डंगवार ने संस्था द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी़ इससे पूर्व मढ़गांव, ओस्केया, बम्हनी व घघारी गांव में ट्रस्ट द्वारा संचालित योजना तथा मनरेगा योजनाओं का निरीक्षण किया गया. मौके पर संस्था के प्रतिनिधि व काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.