कामगारों व उनके परिजनों से जानकारी ली
खलारी : सीसीएल जेसीएससी सदस्यों की टीम ने बुधवार को एनके एरिया में कायाकल्प योजना का निरीक्षण किया. इस दौरान जेसीएससी सदस्य अशोक यादव, हरिशंकर सिंह, ललन प्रसाद सिंह, जीएम सिविल एहसान अहमद, एचओडी सिविल एन कुमार सहित श्रमिक प्रतिनिधि एवं एनके एरिया के सिविल अधिकारी भी शामिल थे.
सभी सदस्य सबसे पहले धमधमिया अशोक बिहार कॉलोनी में कायाकल्प योजना से हो रहे मजदूरों के क्वार्टर का निरीक्षण किया. कामगारों व उनके परिजनों से जानकारी ली. निरीक्षण दल के सदस्य कॉलोनी में हुए क्वार्टर मरम्मत एवं नालियों की दुर्दशा देख हैरान रह गये.
कायाकल्प योजना में सीसीएल द्वारा बेहतर कार्य करने की बात कही गयी, लेकिन धरातल पर क्वार्टर व नाली, शौचालय आदि का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया. मजदूरों के आवास की हालत और जर्जर हो गया. अशोक यादव ने कहा कि यदि कायाकल्प योजना में क्वार्टर मरम्मत अधूरा रह गया और राशि निकाल लिया गया है तो निश्चित रूप से इसकी शिकायत सीसीएल सीएमडी के अलावा विजिलेंस से भी कराया जायेगा.
वहीं अगर केवल अधूरा रह गया तो संबंधित ठेकेदार मजदूरों का आवास सही तरीके से मरम्मत कार्य दुबारा करायेगा. वहीं हरिशंकर सिंह ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी कायाकल्प योजना में आवास व कॉलोनी में मरम्मत कार्य पर अनियमितता का मामला उठाया था. वहीं ललन प्रसाद सिंह ने कहा कि आवास और कॉलोनी में कायाकल्प योजना के तहत जो कार्य हुआ है वह केवल कागजों में ही दिख रहा था और यहां की हालत कुछ और बयां कर रही थी.
उन्होंने कहा कि टीम द्वारा रिपोर्ट बनाकर आवास मरम्मत की सारी हकीकत सीएमडी को बताया जायेगा. किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. धमधमिया में कॉलोनी निरीक्षण के दौरान कई कामगारों ने क्वार्टर सहित नाली, पाइप लाइन, शौचालय की दरवाजे, जर्जर सेफ्टी टैंक की समस्या से अवगत कराया. बताया कि कायाकल्प योजना के तहत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे काफी परेशानी हो रही है.
उसके बाद सदस्यों ने मोहननगर कॉलोनी का भी निरीक्षण किया गया और कायाकल्प योजनाओं की जानकारी ली. इसके अलावा देर शाम वीआइपी सभागार में सदस्यों ने एनके एरिया के एसीसी और वेलफेयर सदस्यों के साथ बैठक की. इसके अलावा संवेदक और सिविल के अधिकारियों के साथ भी बैठक की. सभी की समस्याओं पर चर्चा हुई. इस मौके पर सुनील कुमार सिंह, कृष्णा चौहान, डीपी सिंह, राघो चौबे, रामजी यादव सहित कई कामगार व सिविल विभाग के लोग मौजूद थे.
