ओके:::आलू की खेती, कम समय में ज्यादा मुनाफा
ओके:::आलू की खेती, कम समय में ज्यादा मुनाफाखूंटी़ आलू की खेती कर लोग कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. इसके लिए बहुत ज्यादा जमीन होने की आवश्यकता भी नहीं है़ थोड़ी सी जमीन पर भी आलू चाहे तो आसानी से लोग उगा सकते हैं. बस इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी […]
ओके:::आलू की खेती, कम समय में ज्यादा मुनाफाखूंटी़ आलू की खेती कर लोग कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. इसके लिए बहुत ज्यादा जमीन होने की आवश्यकता भी नहीं है़ थोड़ी सी जमीन पर भी आलू चाहे तो आसानी से लोग उगा सकते हैं. बस इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है़वातावरण : इसके लिये ठंड का मौसम जरूरी है. आलू की अच्छी वृद्धि के लिए दिन का तापमान 32 डिग्री से कम एवं रात का तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा बेहतर होता है.मृदा : जल निकासी वाली बलुई व लाल दोमट मृदा उपयुक्त रहती है. अम्लीय भारी मृदा कंद की वृद्धि के लिए उपयुक्त नहीं है. रबी का मौसम आलू की खेती के लिए उपयुक्त रहता है. इसको 15 अक्तूबर के बाद से नवंबर के पहले पखवारा तक लगा सकते हैं.भूमि की तैयारी : अच्छी तरह से भूमि को तैयार करें. इसके लिए उस खेत में चार-पांच बार हल चलायें. गोबर की खाद मिट्टी में मिलायें. कंदों पर कीट से सुरक्षा के लिए कार्बोफ्यूरान पांच किलो प्रति हेक्टेयर भूमि की दर से मिलायें. बुआई से पूर्व कंदों को जल्दी जर्मिनेशन के लिए 30 सेंटीमीटर से पतली मिट्टी में बिछा कर ढंक दें. छह दिन ऐसा करने के दौरान बीच-बीच में उसे हाथ से पलटें, ताकि हवा का आवागमन हो सके.बुआई : स्वस्थ बीमारी रहित कंदों का चुनाव करें. चुने हुए कंद का वजन 30 से 40 ग्राम व दो-तीन आंख वाला हो. कंदों को बुआई से पूर्व पांच मिनट एगेलोल सॉल में डुबोयें, फिर आठ से दस सेंटीमीटर की गहराई पर बुआई कर दें़ बीमारियां : पत्तियों एवं टहनियों पर काले धब्बे बन जाते हैं, इसके लिये सिनोमेक्सील एवं मैन्फो जैब प्रति 15 लीटर पानी में 45 ग्राम मिलायें और छिड़काव करें.
