मत्स्य पालन में असीम संभावना
खूंटी : जिला में मछली पालन की काफी संभावनाएं है. मत्स्य पालन को रोजगार के रूप में अपना कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है. हालांकि मछली पालन को लेकर जिले के लोगों में कोई खास उत्साह नहीं है. सरकार कई योजनाएं चलाती है, पर अधिकतर किसान इससे अनभिज्ञ हैं.... सामूहिक बीमा योजना : […]
खूंटी : जिला में मछली पालन की काफी संभावनाएं है. मत्स्य पालन को रोजगार के रूप में अपना कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है. हालांकि मछली पालन को लेकर जिले के लोगों में कोई खास उत्साह नहीं है. सरकार कई योजनाएं चलाती है, पर अधिकतर किसान इससे अनभिज्ञ हैं.
सामूहिक बीमा योजना : योजना में वैसे सभी सक्रिय मछली पालकों को लाभ पहुंचाना है जो किसी भी निबंधित मत्स्यजीवी सहयोग समिति या मत्स्य जीवी स्वावलंबन समिति के सदस्य हों.
योजना के तहत मछली पालक की मृत्यु होने पर आश्रित को एक लाख अथवा स्थायी आंशिक अपंग होने पर पचास लाख रुपये का मुआवजा मिलता है.
मत्स्य कृषक प्रशिक्षण : मछली पालकों को किसान प्रशिक्षण केंद्र धुर्वा, रांची द्वारा दो दिवसीय एवं पांच दिवसीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है. प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को दैनिक भत्ता तथा आने-जाने का खर्च भी दिया जाता है.
