विद्यालय को मर्ज करने के खिलाफ गोलबंद हुए ग्रामीण

इचाक : सरकार की ओर से विद्यालयों को मर्ज करने के निर्णय के खिलाफ गरडीह व सायलकला गांव के ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. उपायुक्त के नाम बीडीओ उषा मिंज को ज्ञापन सौंपा. धरना का नेतृत्व झाविमो के जिला सचिव रमेश हेंब्रोम कर रहे थे. ग्रामीणों के अनुसार सरकार एक साजिश के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 26, 2018 1:19 AM
इचाक : सरकार की ओर से विद्यालयों को मर्ज करने के निर्णय के खिलाफ गरडीह व सायलकला गांव के ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. उपायुक्त के नाम बीडीओ उषा मिंज को ज्ञापन सौंपा. धरना का नेतृत्व झाविमो के जिला सचिव रमेश हेंब्रोम कर रहे थे. ग्रामीणों के अनुसार सरकार एक साजिश के तहत ग्रामीण क्षेत्रों का विद्यालयों को बंद कर बच्चों को निरक्षर बनाना चाहती है.
हमारा गांव घने जंगलों के बीच पहाडी क्षेत्र मे बसा हुआ है.
वहां से बच्चों का अकेले निकलना खतरों से खाली नहीं है. विद्यालय में 40-60 बच्चे नामांकित हैं. उस विद्यालय को बंद करने का फरमान जारी हुआ है मवि गरडीह में 123 बच्चे नामांकित हैं. जदयू के प्रदेश महासचिव बटेश्वर प्रसाद मेहता कहा कि सरकार विद्यालय को बंद कर राज्य को शिक्षा विहीन करना चाहती है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कुमार ने कहा कि भाजपा की रघुवर सरकार विद्यालय बंद कर यह साबित करना चाहती है कि सरकार केवल पूंजीपतियों के लिए है.
धरना को जदयू के जिला प्रधान महासचिव अर्जुन मेहता, माले नेता अनुज कुमार, झामुमो के मनोहर राम, ओमप्रकाश मेहता, प्रयाग प्रसाद मेहता, मुखिया सुमन देवी, पारा शिक्षक प्रतिनिधि संजय कुमार मेहता, जेवीएम के अशोक यादव, धनेश्वर सोनी, समाजिक कार्यकर्ता नंदू मेहता, पूर्व मुखिया इंद्रदेव मेहता, रामेश्वर सिंह ने संबोधित किया. मौके पर सैकड़ों ग्रामीण
मौजूद थे.